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महामारी पर प्रस्तावित इस फिल्म का हिस्सा बनने से पहले ही दुनिया छोड़ गए इरफान, नाम था '2020'
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Avinash Pal
Updated Wed, 06 May 2020 01:49 PM IST
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Irrfan Khan
- फोटो : Social Media
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हिंदी सिनेमा के शानदार अभिनेता इरफान खान अभिनय में बेजोड़ थे, इसलिए कई फिल्म निर्माता और लेखक ऐसे हैं जो अपनी फिल्मों में उन्हें लेने के ख्वाब देख रहे थे। 2013 में आई फिल्म 'शिप ऑफ थीसियस' को लिखकर निर्देशित और निर्मित करने वाले आनंद गांधी भी उसी फिराक में थे। लेकिन इरफान खान की अक्समात मौत की वजह से आनंद का यह सपना एक सपना ही रह गया।
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आनंद गांधी और इरफान खान
- फोटो : सोशल मीडिया
आनंद पिछले पांच साल से एक फिल्म की पटकथा पर काम कर रहे थे जिसमें वह मुख्य अभिनेता के रूप में इरफान खान को लेना चाहते थे। इरफान खान से अपनी मुलाकात के बारे में आनंद ने बताया, 'हम दोनों इरफान की फिल्म 'मकबूल' की रिलीज के बाद मिले थे। मेरी एक शॉर्ट फिल्म 'राइट हियर राइट नाउ' भी उसी वक्त रिलीज हुई थी। हम एक बार एक साथ पुणे गए और बहुत ही जल्दी दोस्त बन गए। मैंने फैसला कर लिया था कि मैं अपने आने वाले हर एक प्रोजेक्ट का हिस्सा इरफान को जरूर बनाऊंगा।
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tumbad
आनंद ने आगे कहा, 'मैंने अपनी 2018 में आई फिल्म 'तुंबाड़' में भी इरफान को मुख्य अभिनेता के रूप में लेने की कोशिश की थी। लेकिन, जब पटकथा तैयार हुई तो सभी चीजें बदल गईं। अब मेरे पास एक फिल्म 'इमरजेंस' है जिसमें इरफान जरूर होते। काश कि मैंने उनके साथ किसी फिल्म में काम किया होता।'
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आनंद गांधी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आनंद एक बड़े बजट की फिल्म बनाना चाहते थे जिसके लिए उन्होंने एक अमेरिकन स्टूडियो से हाथ मिलाया था। 'इमरजेंस' नाम की फिल्म पर उन्होंने पांच साल पहले ही काम शुरू किया था। तब उन्होंने इसका नाम '2020' सोचा था लेकिन काम करते-करते उन्होंने उसका नाम बदल दिया।
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आनंद गांधी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इस फिल्म में वह कोरोना वायरस जैसी महामारी को ही दर्शाना चाहते थे लेकिन अब उनका मानना है कि अब इस फिल्म में ऐसी महामारी को विस्तार से दिखाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने ऐसी छुआछूत की एक बीमारी पर गहरा शोध किया था। हालांकि अब उन्हें अपनी पटकथा पर फिर से काम करना होगा। इस फिल्म की शूटिंग वह अगले साल से शुरू करेंगे।
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