{"_id":"5c9d8d5cbdec221425446da6","slug":"utpal-dutt-birthday-special-here-some-unknown-facts","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इस एक्टर की वजह से चुनाव में हारी थी कांग्रेस सरकार, बौखलाहट में कई महीनों के लिए भेज दिया था जेल","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
इस एक्टर की वजह से चुनाव में हारी थी कांग्रेस सरकार, बौखलाहट में कई महीनों के लिए भेज दिया था जेल
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: shrilata biswas
Updated Fri, 29 Mar 2019 08:49 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
उत्पल दत्त
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
एक्टर और डायरेक्टर उत्पल दत्त के किरदार आज भी पर्दे पर लोगों को हंसाने में कामयाब हैं। 29 मार्च 1929 को जन्मे उत्पल दत्त की फिल्मों में बतौर पॉलिटिक्स एक्टिविस्ट की भी झलक मिलती है। गोलमाल में उनके किरदार को भला कौन भूल सकता है। तो चलिए उत्पल दत्त के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें।
2 of 6
उत्पल दत्त
- फोटो : फाइल फोटो
उत्पल दत्त का जन्म बांग्लादेश के बारिसल में हुआ था। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई शिलांग से की। पिता गिरिजा रंजन दत्त ने आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें कोलकाता भेज दिया जहां उन्होंने अंग्रेजी साहित्य से ग्रेजुएशन किया। कॉलेज के दिनों से ही उन्हें थियेटर से लगाव होने लगा। 1940 में वह अंग्रेजी थिएटर से जुड़े और अभिनय की शुरुआत की।
3 of 6
उत्पल दत्त
- फोटो : फाइल फोटो
उत्पल दत्त ने अंग्रेजी के साथ ही बंगाली नाटकों में भी काम करना शुरू किया। उन्होंने इस दौरान नाटकों के निर्देशन और लेखन का काम भी किया। बंगाली राजनीति पर लिखे उनके नाटकों के कारण कई बार विवाद भी हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
उत्पल दत्त
- फोटो : फाइल फोटो
उत्पल दत्त एक बड़े मार्क्सवादी क्रांतिकारी थे। उनके नाटक जनता को बहुत पसंद आते थे लेकिन सरकारें अक्सर उत्पल दत्त के खिलाफ ही रहीं। उनके लिखे और निर्देशित कई बांग्ला नाटक विवादों में घिरे, इन्हीं में एक नाटक था 1963 में आया 'कल्लोल'। इसमें नौसैनिकों की बगावत की कहानी को दिखाया गया और तब की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा गया था।
विज्ञापन
5 of 6
उत्पल दत्त
- फोटो : फाइल फोटो
1965 में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस सरकार ने नाराज होकर उत्पल दत्त को कई महीनों के लिए जेल में डाल दिया था। 1967 में जब बंगाल विधानसभा के चुनाव हुए तो कांग्रेस सरकार को हार का सामना करना पड़ा। इस तरह पहली बार वाम दलों की गठबंधन की सरकार बनी। कांग्रेस सरकार की हार के अहम कारणों में उत्पल दत्त की गिरफ्तारी एक वजह मानी गई। जब देश में इमरजेंसी लगा तो उत्पल दत्त ने तीन नाटक लिखे थे- बैरीकेड, सिटी ऑफ नाइटमेयर्स, इंटर द किंग। उस वक्त सरकार ने उनके तीनों नाटकों को बैन कर दिया था।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।