दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की यहां मुंबई में हुई लॉन्चिंग में भले भारतीय सिनेमा की नुमाइंदगी के लिए सिर्फ अभिनेता के के मेनन ही पहुंचे हों, लेकिन इस दौरान मध्य प्रदेश ने ये साबित कर दिया कि ये प्रदेश देश में शूटिंग का बड़ा सितारा बनकर उभरा है। मध्य प्रदेश पर्यटन के उप निदेशक ने इस मौका का फायदा अपने प्रदेश की ब्रांडिंग के लिए उठाया और ये जानकारी देकर महफिल लूट ली कि अनलॉक के बाद मध्य प्रदेश में अब तक 15 फिल्मों व सीरीज की शूटिंग हो चुकी है और करीब इतनी की ही शूटिंग सूबे में जारी है।
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दादा साहेब फाल्के अवार्ड
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष राजू श्रीवास्तव बुधवार को जिस समय उत्तर प्रदेश की नई फिल्म सिटी की लोकेशन का मुआयना करने निकल रहे थे। तकरीबन उसी समय यहां मुंबई में देश के 10 राज्यों के पर्यटन विभाग एक ही छतरी के नीचे थे। ये राज्य रहे महाराष्ट्र, पंजाब, असम, राजस्थान, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडीशा और हिमाचल प्रदेश। दादा साहब फाल्के के नाम की रेवड़ियां बांटने की होड़ में शामिल दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के साथ इन सारे राज्यों के पर्यटन विभाग हैं। उत्तर प्रदेश का नाम इनमें शामिल नहीं है।
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दादा साहेब फाल्के अवार्ड
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के उप निदेशक राम तिवारी ने इस मौके पर बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग को विभिन्न फिल्म व सीरीज निर्माताओं के करीब 70 प्रस्ताव अब तक मिल चुके हैं। इनमें से 15 की शूटिंग राज्य में पूरी हो चुकी है और 15 निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने बताया कि ‘दुर्गामती’ और ‘गुल्लक 2’ की शूटिंग तो सौ फीसदी मध्य प्रदेश में ही हुई। मध्य प्रदेश की पिछले साल घोषित फिल्म पॉलिसी का जिक्र करते हुए उप निदेशक ने बताया कि राज्य में फिल्म की शूटिंग के लिए बेहतर माहौल है और अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बेहद आसान है।
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दादा साहेब फाल्के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की घोषणा के दौरान सबसे दिलचस्प तथ्य ये देखने को मिला कि एक निजी फिल्म समारोह से देश की विभिन्न राज्य सरकारों के पर्यटन विभाग पूरे उल्लास के साथ जुड़े हुए हैं। दादा साहब फाल्के के पौत्र चंद्रशेखर पुसलकर को खास तौर से इस कार्यक्रम में आगे रखा गया। महाराष्ट्र सरकार की फिल्मसिटी भी इसमें सक्रिय रूप से भागीदारी कर रही है।
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दादा साहेब फाल्के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
इस पूरे कार्यक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू ये रहा कि कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए हुई प्रेस कांफ्रेस में ही इस साल का पहला पुरस्कार भी दे दिया गया। वेब सीरीज ‘स्पेशल ऑप्स’ के चलते फिर से सुर्खियों में लौटे अभिनेता के के मेनन को ‘सर्वश्रेष्ठ बहुमुखी अभिनेता’ का पुरस्कार प्रेस कांफ्रेस में ही दे दिया गया। यूं लगा कि मेनन आए ही इस शर्त पर थे क्योंकि प्रेस कांफ्रेस में ये पुरस्कार देने का कोई तुक नहीं था। पुरस्कार तो बंटने अभी बाकी है। वैसे पूरी फिल्म इंडस्ट्री में के के मेनन के अलावा सिर्फ निर्माता दीपशिखा देशमुख ही इस कार्यक्रम को शरीक होने लायक पा सकीं।