फिल्म ‘फुकरे’ से बड़े परदे पर अपनी अभिनय यात्रा शुरू करने वाले हास्य कलाकार वरुण शर्मा मानते हैं कि बीते 10 साल में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें जितना दिया है, उतनी की उन्होंने उम्मीद भी नहीं की थी। मां उनकी अध्यापन के पेशे में रहीं, इसके बावजूद वह कभी भी मस्ती करने में बाज नहीं आए।
Varun Sharma: वीडियो इंटरव्यू में वरुण ने सुनाए दिलचस्प किस्से, मां के पराठे बेचकर लूटते थे मजे और एक दिन...
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‘अमर उजाला डॉट कॉम’ पर जल्द प्रसारित होने वाले वीडियो इंटरव्यू में वरुण बताते हैं, ‘मेरी मां पराठे बहुत जबर्दस्त बनाती हैं। और, स्कूल में होता यही था कि ये पराठे मैं कभी कभार ही खा पाता था क्योकि मेरे दोस्त मेरे टिफिन पर पहले ही हाथ साफ कर देते थे। फिर मैंने इन पराठों के लिए पैसे वसूलने शुर कर दिए। मैं पांच पांच रुपये में अपनी मम्मी के बनाए पराठे बेचता और फिर उन पैसों से कैंटीन में अपने स्वादानुसार व्यंजन खरीदता।’
मां के हाथ के बने पराठे बेचकर छोले भटूरे और कैम्पा कोला खरीदने वाले वरुण शर्मा कहते हैं, ‘ज्यादा पैसे कमाने के लालच में मैंने मम्मी से ज्यादा पराठे मांगने शुरू कर दिए। बहाना ये कि स्पोर्ट्स में हिस्सा लेने के बाद भूख ज्यादा लगती है। कुछ दिन तो मम्मी ज्यादा पराठे देती रहीं। लेकिन फिर एक दिन उन्हें शक हो गया और वह लंच के समय स्कूल पहुंच गईं। वहां मैं उन्हें कैंटीन में मिला। पराठे दूसरे बच्चे खा रहे थे और मैं कैंटीन में बना खाना पूरे मजे लेकर खाता मिला। उसके बाद जो हुआ सो पूछिए मत...!’
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‘अमर उजाला’ के साथ एक बातचीत में वरुण इस बात पर भी चर्चा कर चुके हैं कि उनके ऊपर लगा कॉमेडियन का ठप्पा उनकी पहचान बन चुका है। वह कहते हैं, ‘लोग अक्सर मुझे कहते हैं कि कॉमेडी में स्लॉट हो गए हो , थोड़ा कॉमेडी कम करो, कुछ और ट्राई करो। लेकिन, मुझे लगता है कि आज के समय में किसी इंसान को हंसाना या उनके चेहरे पर मुस्कुराहट लाना बहुत बड़ा काम है। जिंदगी में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो एक दूसरे को हंसाते हैं, एक दूसरे के चेहरे पर मुस्कुराहट लाते हैं, नहीं तो ज्यादातर लोग तो टेंशन ही देते रहते हैं। अगर मैं किसी को हंसा सकूं तो ये मेरे लिए ईश्वरीय आशीर्वाद है। मैं कॉमेडी करना कभी छोड़ना नहीं चाहता।’
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फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ वरुण शर्मा की बहुत ही फेवरिट फिल्म रही है। इसकी वजह पूछने पर वह कहते हैं, ‘इसकी कॉमेडी की लिखावट मुझे बहुत पसंद है, बहुत ही पसंदीदा फिल्म रही है ये मेरी। इसके अलावा मेरी पसंद की फिल्मों की बात करें तो ‘गोलमाल’ मुझे बहुत पसंद है। इस कहानी पर रोहित शेट्टी की बनाई पूरी की पूरी सीरीज भी मुझे बहुत अच्छी लगती है।’
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