'कहानी', 'डर्टी पिक्चर', 'इश्किया' और 'पा' जैसी फिल्मों में संजीदा किरदार निभा चुकी विद्या बालन ने हाल ही में अपने स्ट्रगल के दिनों पर बात की है। 'मिशन मंगल' के प्रमोशन के दौरान विद्या बालन ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई किस्से शेयर किए हैं। मिशन मंगल इसी 15 अगस्त को रिलीज हो रही है।
विद्या बालन को आई स्ट्रगलिंग दिनों की याद, बोलीं- 'एक्ट्रेस बनने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्या ने इस दौरान कहा कि, "मैं नॉन फिल्मी बैकग्राउड से आती थी और मुझे उस समय जानकारी नहीं थी कि एक्ट्रेस बनने के लिए मुझे क्या करना होगा। मैं एक्ट्रेस बनने का सपना देखती थी। मुझे मेरे परिवार की चिंता थी मगर उन्होंने मेरा समर्थन किया। जब मेरा पहला टीवी शो ला बेला कुछ समय बाद बंद हो गया, तब मेरे परिवारवालों को लगा होगा कि अब मेरा एक्टिंग का भूत उतर जाएगा।"
ये भी पढ़ें: अक्षय कुमार से शिल्पा शेट्टी तक, मुंबई की इन जगहों पर स्पॉट हुए सितारेे
विद्या ने आगे बताया- ''लगातार तीन साल तक मुझे रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। ऐसे भी दिन थे जब मैं रोते रोते सोया करती थी। लेकिन मैंने हिम्मत रखी। हर सुबह मैं इस उम्मीद के साथ उठती थी कि कुछ तो अच्छा होगा। इसके बाद मैंने 'परिणीता' में अहम रोल निभाया।"
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपना अलग मुकाम हासिल हर चुकी विद्या बालन जब शुरुआत में फिल्मों में अभिनय से लिए संघर्ष कर रही थीं तब उन्हें दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता मोहनलाल के साथ मलयालम फिल्म में काम करने का मौका मिला था। हालांकि ये फिल्म किसी कारणवश बंद हो गई और इसके लिए विद्या बालन को जिम्मेदार ठहराया गया साथ ही उन्हें मनहूस करार दिया गया।
विद्या बालन ने एक बार बताया था कि आमिर खान की वजह से उन्हें एक बार बहुत धक्का लगा था। दरअसल विद्या एक शोक सभा में गई थी। वहां इंडस्ट्री से केवल विद्या ही थीं। मीडिया से आए लोग उनकी तस्वीरें खींच रहे थे लेकिन जैसे ही आमिर खान वहां आए सारी मीडिया उन्हे धक्का देकर आमिर की तरफ चली गई। इससे उनके दिल को बहुत धक्का लगा। विद्या ने कहा था- आमिर की जगह कोई और भी हो सकता था। लेकिन मैं समझ गई कि जो आपसे ज्यादा कामयाब है लोग उसके पीछे दौ़ड़ेंगे। मुझे उस समय खराब जरूर लगा था लेकिन आज मैं इन चीजों की तरफ गौर नहीं करती।