फिल्म जगत में अपनी एक अलग और खास जगह बनाने वाले अभिनेता विनोद मेहरा ने 13 साल की कम उम्र में ही फिल्मों में बतौर बाल-कलाकर अपनी शुरुआत कर दी थी। लेकिन कहते हैं इंडस्ट्री एक ऐसी जगह है जहां कब किसका सितारा चमक जाए और कब किसी नैया डूब जाए किसी को नहीं। विनोद मेहरा ने अपने फिल्मी करियर में नाम तो खूब कमाया लेकिन उन्हें अधिकतर फिल्मों में सेकंड लीड के तौर पर याद किया जाता है। 70 और 80 के दशक में मशहूर हुए विनोद मेहरा को भले ही आज की पीढ़ी भूल गई हो, लेकिन एक दौर था जब उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग थी।
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टैलेंट शो में 10 हजार लोगों को पछाड़ा
साल 1965 में यूनाइटेड निर्माताओं और फिल्मफेयर ने मिलकर एक टैलेंट सर्च प्रोग्राम का आयोजन किया। इस टैलेंट हंट प्रोग्राम में दस हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया था। उस जमाने के मशहूर निर्देशकों जैसे बिमल रॉय, बीआर चोपड़ा, नासिर हुसैन, जीपी सिप्पी, ओम प्रकाश मेहरा और शक्ति सामंत ने इस टैलेंट सर्च प्रोग्राम को जज किया था। प्रतियोगिता इतनी बड़ी थी कि जो भी इस प्रतियोगिता को जीता उसे जज बने उन सभी निर्देशकों की एक-एक फिल्म करने का मौका मिला और साथ ही 12 फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट भी। इस प्रतियोगिता में विनोद मेहरा ने 10 हजार लोगों को हराकर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। सिर्फ 1 नंबर से वो राजेश खन्ना से हार गए।
1971 में की थी शुरुआत
विनोद मेहरा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1971 में आई फिल्म एक थी रीटा से की थी। फिल्म में उनके साथ मुख्य भूमिका में तनुजा थीं। एक अंग्रेजी नॉवेल पर आधारित ये फिल्म काफी हिट रही थी। ऐसा कहा जाता है कि विनोद मेहरा के करियर को हते हैं कि विनोद मेहरा के करियर को आगे बढ़ाने में अभिनेत्री मौसमी चटर्जी का बहुत बड़ा हाथ है। उन्होंने ही विनोद मेहरा को टैलेंट सर्च प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए कहा था। शक्ति सामंत कि फिल्म ‘अनुराग’ में ये दोनों पहली बार साथ आए नजर आएं थे। ये फिल्म 1972 में रिलीज हुई थी।
हीरोइंस के बीच लोकप्रिय थे विनोद मेहरा
विनोद मेहरा अपने समय में हिरोइंस के बीच बहुत ही लोकप्रिय थे उस दौरान हर अभिनेत्री विनोद मेहरा के करीब आना चाहती थी। विनोद मेहरा को उस समय का चॉकलेटी बॉय माना जाता था। उनपर मरने वाली अभिनेत्रियों में सबसे पहला नाम रेखा का आता है। हालांकि जब रेखा और उनकी करीबियां बढ़ी तो उनकी शादी हो चुकी थी। दोनों की नजदीकियों की खबर ने खूब सुर्खियां बटोरी। कहा जाता है जब कोलकाता में शादी करके विनोद मेहरा रेखा को अपने घर ले गए और जैसे ही रेखा ने उनके पैर छुए कमला मेरा ने तुरंत उन्हें धक्का दे दिया। जिसके बाद ये रिश्ता खत्म हो गया।
प्रतिष्ठा न मिलने से हुए थे उदास
विनोद मेहरा बॉलीवुड में वो प्रतिष्ठा न मिलने के कारण उदास रहने लगे थे। धीरे-धीरे उन्हें काम मिलना कम हो गया। लेकिन जब उन्हें लगा ऐसा नहीं चलेगा तो उन्होंने निर्देशक के रूप में अपनी किस्मत आजमाई। विनोद मेहरा ने लगभग 100 फिल्मों में काम किया जिसमें मुख्य भूमिका से लेकर साइड रोल तक शामिल हैं। बतौर निर्देशक विनोद मेहरा ने फिल्म ‘गुरुदेव’ बनाई जिसमें उन्होंने ऋषि कपूर, अनिल कपूर और श्रीदेवी को कास्ट किया। उस दौरान इनकी इंडस्ट्री में काफी लोकप्रियता थी। कहा जाता है कि सेट पर ये कलाकार अपनी मर्जी से आते थे जिसकी वजह से गुरुदेव को बनाने में सिर्फ समय नहीं गया बल्कि काफी पैसा भी खर्च हुआ। इस फिल्म की रिलीज से पहले ही विनोद मेहरा का निधन हो गया। उनके निधन के तीन साल बाद उनकी पत्नी ने फिल्म को रिलीज किया।