फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पद्मावती पर हिंसा, उद्दंडता जायज नहीं: चेतन भगत 

Sat, 18 Nov 2017 08:59 PM IST
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
amarujala.com, Presented by: शारुख खान Updated Sat, 18 Nov 2017 08:59 PM IST
विज्ञापन
Violence on Padmavati is not justified says author Chetan Bhagat
चेतन भगत - फोटो : अमर उजाला
लेखक चेतन भगत ने पद्मावती फिल्म को लेकर निर्देशक संजय लीला भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को दी जा रही धमकियों को गलत बताया है। उन्होंने कहा लोकतंत्र में किसी भी चीज को आप नापसंद कर सकते हैं, उसकी निंदा कर सकते हैं लेकिन धमकी और हिंसा को किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। सेलिब्रिटी लेखक ने कहा कि राजपूत लोग हमेशा अपने शौर्य, आन -बान-शान तथा नारी सम्मान की रक्षा के लिए बलिदान देने के लिए विख्यात रहे हैं।  ऐसे वर्ग से उद्दंडता की आशा नहीं की जा सकती । उन्होंने देश के माहौल को अजीब बताया ।

पढ़ें:- हिमाचल में भी पद्मावती फिल्म का विरोध, राजपूत संगठनों में रोष
Violence on Padmavati is not justified says author Chetan Bhagat
chetan bhagat
उन्होंने कहा छोटी-छोटी बात पर लोग सड़कों पर उतरते हैं। धमकियां देते हैं। सरकारें वोट बैंक की नाराजगी से बचने के लिए ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं करतीं। यह प्रवृत्ति बहुत घातक है। मूडी की भारत की नई रेटिंग पर भी चेतन बोले। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय जगत भारत की आर्थिक क्षमताओं को मान रहा है। यह माना जा रहा है कि पहले की अपेक्षा अब भारत में निवेश और कारोबार करने का बेहतर माहौल है। भगत ने देश में सकारात्मक बदलाव की भी बात तो स्वीकारी मगर  उसकी गति धीमी होने की बात कही।
पढ़ें:- 'पद्मावती' के विरोध में एकजुट हुए हिंदू और मुस्लिम, सिनेमाघरों को फूंकने की दी चेतावनी

बड़ा बनने के लिए बड़े सपने देखना जरूरी

Violence on Padmavati is not justified says author Chetan Bhagat
बच्चों के साथ चेतन भगत - फोटो : अमर उजाला
युवा पीढ़ी के बारे में चेतन भगत ने थोड़ी मायूसी भरे लहजे में कहा कि आज की युवा पीढ़ी की बड़ी समस्या यह है कि वह बड़े सपने नहीं देखती। बड़ा बनने के लिए बड़े सपने देखना बहुत जरूरी है। दुर्भाग्य है कि भारत में हर चीज औकात से तय की जाती है। लेकिन सपनों की कोई औकात नहीं होती। उन्होंने बताया कि यह खामी मेरे साथ भी थी। मेरे दसवीं कक्षा में 76 फीसदी अंक थे। मध्यवर्गीय परिवार से था। मैं सपना देखता था कि एसटीडी बूथ खोलूंगा। एक दिन मेरे पास दस टेलीफोन बूथ होंगे। आज का दुर्भाग्य यह है कि आज की युवा पीढी के सामने रोल माडल की कमी हो गई है ।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा का उद्देश्य बेहतर इंसान बनाना हो

Violence on Padmavati is not justified says author Chetan Bhagat
जाने-माने लेखक चेतन भगत - फोटो : अमर उजाला
चेतन भगत ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की भी आलोचना की । उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बेहतर इंसान बनाना होना चाहिए लेकिन आज की शिक्षा सिर्फ कमाई और फायदे की बात सोचती है । एजूकेशन सिस्टम बदला नहीं है। कोर्स पुराने हैं। बच्चों को रटाने के बजाय गूगल मैप जैसी नई तकनीकी से पढ़ाया जाना चाहिए। आईआईटी और आईबीएम जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं से प्रतिभा पलायन के सवाल पर चेतन भगत का कहना था कि भारत को ऐसा माहौल बनाना होगा कि लोग यहीं रहें। पहले से आप देश में सेवा जैसी शर्तें रखेंगे तो संस्थान का स्तर गिरेगा। वैसे मेरे जैसे कई लोग विदेश से भारत में लौटे भी हैं। 
विज्ञापन

राहुल साबित करें वे दूसरों से बेहतर व्यवस्था दे सकते हैं

Violence on Padmavati is not justified says author Chetan Bhagat
बच्चों को संबोधित करते हुए चेतन भगत - फोटो : अमर उजाला
चेतन भगत ने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी की कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष का होना जरूरी है । राहुल गांधी के नए अवतार  और  आक्रामक  तेवर पर उन्होंने कहा कि राहुल कुछ बदले तो लग रहे हैं । उनके बयानों में अब पंच भी दिख रहा है । लेकिन दूसरों की आलोचना की अपेक्षा उन्हें इस बात का भरोसा दिलाना चाहिए कि वे कैसे दूसरों से बेहतर साबित होंगे। भारत की जनता मसालेदार ट्वीट पर वोट नहीं देती।  
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed