बॉलीवुड इंडस्ट्री में विशाल भारद्वाज एक जाना-पहचाना नाम है। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर लोगों के दिलों में अपनी एक खास जगह बनाई है। वह हिंदी सिनेमा के एक प्रसिद्ध संगीतकार, स्क्रिप्ट राइटर, डायरेक्टर और फिल्ममेकर हैं। फिल्म गॉडमदर और इश्कियां में बेस्ट म्यूजिक की वजह से उन्हें नेशनल अवार्ड मिला। चार अगस्त 1965 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जन्मे विशाल भारद्वाज आज 58 साल के हो गए हैं। उनके जन्मदिन पर फैंस उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दे रहे हैं। आज हम इस खास मौके पर बात करते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें। तो चलिए शुरू करते हैं...
Vishal Bhardwaj: फिल्मों में नहीं क्रिकेट में जलवा दिखाना चाहते थे विशाल भारद्वाज, एक हादसे ने बदल दी किस्मत
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फिल्म इंडस्ट्री में विशाल भारद्वाज ने 1995 में फिल्म 'अभय' से संगीतकार के तौर पर डेब्यू किया। उन्हें गुलजार की फिल्म 'माचिस' से पहचान मिली, जिसमें उन्होंने संगीत दिया था। 2002 में बच्चों की फिल्म 'मकड़ी' से विशाल भारद्वाज ने निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा। इस फिल्म का संगीत भी उन्होंने खुद दिया था।
साल 1998 में रिलीज हुई 'सत्या' और 1999 में गुलजार की फिल्म 'हू तू तू' का संगीत विशाल ने दिया था। 1999 में फिल्म 'गॉडमदर' के लिए उन्हें बेस्ट संगीतकार का नेशनल अवॉर्ड दिया गया। यही नहीं उन्हें फिल्म 'ओमकारा' और 'हैदर' के लिए भी नेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं। विशाल बॉलीवुड के उन फिल्मकारों में से एक हैं, जो अपनी फिल्मों की जटिल कहानियों के लिए जाने जाते हैं। विशाल इन कहानियों को बड़ी खूबसूरती से बड़े पर्दे पर पेश करने में माहिर हैं।
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इंडस्ट्री के बेहतरीन निर्देशकों में से एक विशाल ने कई बेहतरीन फिल्मों को डायरेक्ट किया है। इनमें विलियम शेक्सपियर के नाटक मैकबेथ पर आधारित फिल्म 'मकबूल' और विलियम की किताब ओथेलो पर बनी 'ओमकारा', रस्किन बॉन्ड की एक कहानी पर आधारित 'द ब्लू अम्ब्रेला', 'हैदर', 'कमीने' और 'सात खून माफ' जैसी फिल्में शामिल हैं। आज भी उनका यह सफर सफलतापूर्वक बढ़ रहा है। विशाल ने आलिया भट्ट की फिल्म 'डार्लिंग्स' में भी म्यूजिक दिया है।
बहुत कम ही लोगों को कि विशाल भारद्वाज बचपन में एक क्रिकेटर बनना चाहते थे। उन्होंने स्टेट लेवल पर अंडर-19 क्रिकेट भी खेला, लेकिन फिर एक हादसे ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी थी। दरअसल, एक टूर्नामेंट से ठीक पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान उनका अंगूठा टूट गया। जिसकी वजह से वो आगे क्रिकेट नहीं खेल सके। इसके बाद विशाल ने अपनी पढ़ाई पूरी कर बॉलीवुड की तरफ अपना कदम बढ़ाया।
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