राज्यसभा सदस्य अमर सिंह का शनिवार को निधन हो गया। अमर सिंह का बीते करीब छह महीने से सिंगापुर में इलाज चल रहा था। जिसके बाद आज उन्होंने सिंगापुर में ही अंतिम सांस ली। अमर सिंह का बॉलीवुड से भी गहरा नाता था। ये नाता था उनका अमिताभ बच्चन की वजह से। अमिताभ बच्चन और अमर सिंह एक समय में बेहद ही करीबी दोस्त हुआ करते थे। दोनों एक दूसरे के लिए परिवार की तरह थे। लेकिन एक समय के बाद दोनों परिवारों के बीच कुछ मनमुटाव हुआ और दोनों अलग हो गए। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब अमर सिंह उनकी पत्नी अमिताभ बच्चन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आइये आपको बताते हैं क्या था वो मामला...
जब कानूनी पचड़े में फंस गए थे अमर सिंह और अमिताभ बच्चन, जानिए क्या था मामला
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दरअसल भारत सरकार के प्रवर्तन निदेशालय ने अमर सिंह, उनकी पत्नी पंकजा सिंह और फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन के खिलाफ मामला दायर किया था। तीनों पर विभिन्न कंपनियों में फर्जी निवेश करने और पैसे के अवैध हेर-फेर का आरोप था। ये मामला उस समय उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल बहुजन समाज पार्टी के एक कार्यकर्ता शिवकांत त्रिपाठी की याचिका के बाद दायर किया गया था। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने छह कंपनियों के फर्जी होने के बारे में जांच शुरू की थी जिनमें अमिताभ बच्चन, अमर सिंह और पंकजा सिंह प्रमुख शेयरधारी थे।
ये था मामला
ये मामला उस समय का है जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। मुलायम सिंह यादव की सरकार में तत्कालीन पार्टी महासचिव अमर सिंह उत्तर प्रदेश विकास परिषद के अध्यक्ष थे और उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। समाजवादी पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद अक्टूबर 2009 में बहुजन समाज पार्टी के एक कार्यकर्ता शिवकांत त्रिपाठी ने एक मामला दायर कर आरोप लगाया था कि अमर सिंह ने अपने पद का दुरूपयोग कर कई ऐसी कंपनियों को हजारों करोड़ रूपये के सरकारी ठेके दिए जिनके या तो वे स्वयं मालिक थे या जिनमें उनके शेयर थे। प्राथमिकी में उनपर कई फर्जी कंपनियां बनाकर पैसे के अवैध लेन-देन यानी मनी लॉन्डरिंग में लिप्त होने का भी आरोप लगाया गया था।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि इन कंपनियों में अमर सिंह की पत्नी और उनके दोस्त अमिताभ बच्चन प्रमुख शेयरधारी थे। इनका जवाब देते हुए अमर सिंह ने आरोप लगाया था कि ये मामले राजनीतिक कारणों से और मुख्यमंत्री मायावती के इशारे पर दायर किए गए हैं। लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमर सिंह की आपत्तियों पर ध्यान नहीं देते हुए 20 मई 2011 को अपने आदेश में कहा कि चूंकि इस मामले में नामित कथित फर्जी कंपनियां कई राज्यों में निबंधित हैं, इसलिए इस मामले की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय उपयुक्त है जो कि एक केंद्रीय संस्था है।
गौरतलब है कि अमर सिंह का जन्म 27 जनवरी 1956 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुआ था। उन्होंने कोलकाता के सैंट जेवियर्स कॉलेज से कानून की डिग्री ली थी। वह पहली बार साल 1996 में राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे। अपने राजनीतिक करियर में अमर सिंह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे। अपने लंबे राजनीतिक करियर में वे कांग्रेस, बीजेपी और समाजवादी पार्टी के करीब रहे।
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