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सोशल मीडिया: तालिबान के नए फरमान पर भड़के जावेद अख्तर, बोले- कितनी शर्म की बात है?
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Mon, 20 Sep 2021 12:44 PM IST
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जावेद अख्तर
- फोटो : पीटीआई
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फिल्म लेखक और गीतकार जावेद अख्तर तालिबान के नए फरमान पर भड़के हुए हैं। उन्होंने ट्विट कर कहा कि तालिबान के प्रवक्ता ने दुनिया को बताया है कि महिलाएं मंत्री बनने के लिए नहीं, बल्कि घर पर रहने और बच्चे पैदा करने के लिए होती हैं, लेकिन दुनिया के तथाकथित सभ्य और लोकतांत्रिक देश तालिबान से हाथ मिलाने को तैयार हैं। कितनी शर्म की बात है। आपको बता दें कि जावेद अख्तर लगातार अफगानिस्तान में तालिबान के आगमन के बाद महिलाओं की स्थिति को लेकर टिप्पणी करते रहते हैं। उन्होंने अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए बनते नए माहौल पर ट्वीट किया और सभी अहम इस्लामिक संगठनों से इसके खिलाफ आवाज उठाने की उम्मीद जताई है।
दरअसल, काबुल के मेयर ने अपने नए फरमान में शहर की सभी कामकाजी महिलाओं को घर पर रहने के लिए कहा है। जिस पर गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने अपना असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने सभी मुस्लिम निकायों से सामूहिक रूप से इस आदेश की निंदा करने की अपील की है।
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जावेद अख्तर
- फोटो : सोशल मीडिया
जावेद अख्तर ने ट्विटर पर लिखा, 'अलजजीरा ने रिपोर्ट दी है कि काबुल के मेयर ने सभी कामकाजी महिलाओं को घर पर रहने का आदेश दिया है। मैं उम्मीद करता हूं कि सभी महत्वपूर्ण मुस्लिम निकाय इसकी निंदा करेंगे, क्योंकि यह उनके धर्म के नाम पर किया जा रहा है, वे सभी कहां हैं जो कल तक तीन तलाक के बचाव में नारे लगा रहे थे।
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बच्चन परिवार संग शबाना आजमी और जावेद अख्तर
- फोटो : अमर उजाला मुंबई
अफगानिस्तान में नई सरकार बनने के बाद महिलाओं के लिए लगातार मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। काबुल के कार्यवाहक मेयर हमदुल्ला नामोनी ने फरमान जारी किया है कि जो भी महिलाएं शहर के अलग-अलग विभागों में काम कर रही थीं, वे अब घर पर ही रहें।
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शबाना आजमी और जावेद अख्तर
- फोटो : सोशल मीडिया
काबुल में नगर पालिका में तीन हजार कर्मचारी काम कर रहे थे। जिनमें एक तिहाई संख्या महिलाओं की थी। अब इस नए फरमान के बाद से सभी महिलाएं नौकरी छोड़ने पर मजबूर हैं। जावेद अख्तर ने इससे पहले भी तालिबान की जमकर आलोचना की थी। तालिबान प्रवक्ता सैयद जकीरुल्लाह की ओर से महिलाओं को लेकर दिये गये बयान को लेकर भी जावेद अख्तर भड़क गये थे।
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जावेद अख्तर, शबाना आजमी
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
उनका कहना था कि हर सभ्य व्यक्ति, हर लोकतांत्रिक सरकार, दुनिया के हर सभ्य समाज को तालिबानियों को मान्यता देने से इनकार करना चाहिए। सभी को अफगान महिलाओं के क्रूर दमन के लिए तालिबान की निंदा करनी चाहिए। आपको बता दें कि तालिबान के आगमन के बाद से अफगानिस्तान में महिलाओं की आजादी पर पाबंदी लगा दी है। तालिबान हर रोज महिलाओं को लेकर नये-नये फरमान जारी कर रहा है।
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