लक्षद्वीप की रहने वाली अभिनेत्री, मॉडल और निर्देशक आयशा सुल्ताना पर कवरत्ती पुलिस ने देशद्रोह और गलत भाषा का उपयोग करने का मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ ये याचिका लक्ष्यद्वीप इकाई के भाजपा अध्यक्ष अब्दुल खादर ने दर्ज करवाई है। उनके अनुसार सुल्ताना ने अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए ये बयान दिया कि केंद्र सरकार लक्ष्यद्वीप समूह के लोगों पर कोविड-19 का उपयोग 'जैव-हथियार' के रूप में कर रही है। कौन हैं आयशा सुल्ताना और आखिर उनके किस बयान से वो 'देशद्रोह' के आरोपों का सामना कर रहीं हैं, हम आपको हमारे इस आर्टिकल में पूरी जानकारी देंगे।
कौन है आयशा सुल्ताना: लक्षद्वीप में जिनके खिलाफ दर्ज हुआ है मामला
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2020 में इंडिपेंडेंट निर्देशक के तौर पर की शुरुआत
आयशा सुल्ताना ने साल 2020 में बतौर इंडिपेंडेंट निर्देशक अपनी शुरुआत की थी। उन्होंने 'फ्लश' फिल्म बनाई थी, जोकि मलयाली भाषा में थी। शुरुआत से ही कला के क्षेत्र में रूचि रखने वाली सुल्ताना ने मलयालम फिल्म निर्माता लाल जोस के साथ भी काम किया। उन्होंने अभिनेता आसिफ अली की फिल्म 'केत्योलानु एंते मालाख' में असोसिएट डायरेक्टर के रूप में काम किया। आयशा न सिर्फ अभिनेत्री, मॉडल और निर्देशक हैं बल्कि लेखक भी हैं। अपनी इंडिपेंडेंट फिल्म 'फ्लश' की कहानी उन्होंने खुद ही लिखी थी।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
दरअसल एक टेलीविजन बहस के दौरान निर्देशक और एक्टिविस्ट आयशा सुल्ताना ने सरकार के खिलाफ 'जैविक हथियार' को लेकर टिपण्णी की थी। जिसके बाद इस पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और सुल्ताना के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज हो गया। अब्दुल खादर ने आयशा पर ये आरोप लगाया है कि एक मलयालम चैनल पर बातचीत में इस निर्देशक ने केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना को लेकर झूठी खबर का प्रसार किया। उनका कहना है कि आयशा ने कहा कि केंद्र सरकार ने लक्षद्वीप में कोरोना प्रसार के लिए जैविक हथियारों का उपयोग किया है। जिसके बाद लक्ष्यद्वीप इकाई के भाजपा अध्यक्ष अब्दुल खादर ने उनके खिलाफ कवरत्ती पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है।
अब्दुल खादर ने कहा सरकार की छवि खराब कर रहीं हैं आयशा
अब्दुल खादर का कहना है कि आयशा सुल्ताना की इस तरह की बयानबाजी से केंद्र सरकार की छवि खराब हो रही है। उनका ये बयान राष्ट्रविरोधी है। ऐसा भविष्य में दोबारा कभी न हो इसलिए आयशा के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। नए सुधार करने और लक्षद्वीप पर प्रस्तावित कानून के खिलाफ अभियानों में सुल्ताना ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। आयशा के खिलाफ केरल में भी भाजपा के कार्यकर्ताओं ने शिकायत दर्ज करवाई है।
अपने बयान को लेकर फेसबुक पर किया पोस्ट
आयशा ने अपने विवादित बयान के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा 'मैंने टीवी चैनल की बहस में 'जैव हथियार' जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था। मैंने इस चीज को महसूस किया है कि पटेल और उनकी नीतियां जैव हथियार के रूप में काम कर रही है। आयशा ने आगे कहा कि पटेल और उनके दल के कारण ही लक्षद्वीप में कोरोना वायरस फैला है। मैंने पटेल की तुलना जैव हथियारों से की है, न कि सरकार या देश की। आप सबको ये बात समझनी चाहिए। लक्षद्वीप के साहित्य प्रवर्तक संगम ने सुल्ताना का समर्थन किया। उन्होंने कहा, उन्हें राष्ट्र विरोधी के रूप में पेश करना उचित नहीं है।