अभिनेता अली फजल हर मुद्दे पर अपनी बात बेबाकी के साथ रखते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। अब उन्होंने पुणे स्थित भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान की पाखंडपूर्ण भूमिका की आलोचना की है। संस्थान ने कान फिल्म महोत्सव में अपनी पूर्व छात्रा पायल कपाड़िया की ऐतिहासिक ग्रैंड प्रिक्स जीत का जश्न मनाया है। संसथान ने पोस्ट साझा किया, जिस पर अली फजल भड़क गए।
Ali Fazal: एफटीआईआई ने मनाया कान फिल्म फेस्टिवल में पायल कपाड़िया की ग्रैंड प्रिक्स जीत का जश्न, भड़के अली फजल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एफटीआईआई के आधिकारिक एक्स हैंडल ने आज रविवार को कान फिल्म महोत्सव की कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिसमें संसथान की पूर्व छात्र पायल कपाड़िया और चिदानंद नाइक शामिल हैं, जिन्होंने अपनी फिल्म सनफ्लावर वेयर द फर्स्ट ओंस टू नो के लिए सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म के लिए ला सिनेफ पुरस्कार जीता। संस्थान ने कैप्शन में लिखा, 'यह FTII के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि इसके पूर्व छात्र कान्स में इतिहास रच रहे हैं, जैसा कि हम 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारतीय सिनेमा के लिए एक अभूतपूर्व वर्ष देख रहे हैं। एफटीआईआई सिनेमा के इस मेगा इंटरनेशनल स्टेज पर अपने पूर्व छात्रों की शानदार उपलब्धियों को संजोता है।'
It is a moment of pride for FTII as its Alumni create history at Cannes.
— FTII (@FTIIOfficial) May 26, 2024
As we witness a phenomenal year for Indian Cinema at 77th Cannes Film Festival, FTII cherishes the glorious achievements of its Alumni at this Mega International Stage of Cinema.#cannes2024 #cannesawards pic.twitter.com/3fFURhzuSK
अली फजल ने एफटीआईआई के पोस्ट दोबारा साझा किया और लिखा, 'कृपया ऐसा न करें। बस ऐसा न करें।' दरअसल, साल 2015 में अभिनेता से नेता बने गजेंद्र चौहान की एफटीआईआई अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के खिलाफ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसका नेतृत्व पायल ने किया। पायल के इस कदम के बाद से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई करते हुए यह तर्क दिया गया कि पायल के पास एफटीआईआई जैसे प्रमुख संस्थान का नेतृत्व करने की विश्वसनीयता नहीं है।
साथ ही पुणे पुलिस ने 2008 बैच के छात्रों की अधूरी परियोजनाओं का मूल्यांकन करने के अपने फैसले के बाद तत्कालीन एफटीआईआई निदेशक प्रशांत पथराबे को अपने कार्यालय में बंदी बनाने के लिए पायल सहित 35 छात्रों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। पायल और अन्य छात्रों को छात्रवृत्ति से भी वंचित कर दिया गया। हालांकि, कुछ साल बाद 2017 में नए एफटीआईआई निदेशक भूपेंद्र कैंथोला ने पाठ्यक्रम में सुधार किया और समर्थन पत्र जारी किया था। उन्होंने पायल का समर्थन किया, जब उनकी शॉर्ट फिल्म 'आफ्टरनून क्लाउड्स' कान में स्क्रीनिंग के लिए चुनी गई।
Vishwak Sen: विश्वक सेन ने दिया बड़ा बयान, बोले- मैं रील्स और टिकटॉक बनाने वाले को अभिनेता नहीं मानता हूं