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K Asif: जब पहली बार भारतीय सेना उतरी फिल्मी कैमरे के सामने, आसिफ के बुलावे पर पूरे समय मौजूद रहे रक्षा मंत्री

Sat, 09 Mar 2024 01:08 PM IST
दीक्षा पाठक अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: दीक्षा पाठक Updated Sat, 09 Mar 2024 01:08 PM IST
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K Asif Death Anniversary Know Lesser known Facts and Film Journey of Mughal E Azam Director
मुगल ए आजम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

इन दिनों सेना के कौशल पर बनी रही फिल्मों की रिलीज से पहले इस तरह के किस्से खूब सुनने को मिलते हैं, कि फलां फिल्म में भारतीय सेना के लाव-लश्कर और असली सैनिकों ने काम किया है, लेकिन क्या आपको पता है हिंदी सिनेमा की वह पहली फिल्म कौन सी है जिसमें भारतीय सेना के जवानों और उसके लश्कर का पहली बार इस्तेमाल किया गया। और, कौन थे वह रक्षा मंत्री जिन्होंने खुद शूटिंग पर रहकर इसे अपनी आंखों के सामने पूरा कराया। चलिए आपको ये रोचक किस्सा सुनाते निर्माता-निर्देशक के आसिफ की याद में जिन्होंने अपने जीवन में सिर्फ दो फिल्मों का निर्देशन किया, 'फूल' और 'मुगल-ए-आजम'। 'मुगल-ए-आजम' को बनने में 14 साल लग गए। इस फिल्म के निर्माण के दौरान बहुत सारी समस्याएं आई, लेकिन के आसिफ ने हिम्मत नहीं हारी। के आसिफ का जन्म  14 जून 1922 को इटावा में हुआ था और और 9 मार्च 1971 को हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। आइए जानते हैं के आसिफ के फिल्मी सफर के 10 किस्से।   

K Asif Death Anniversary Know Lesser known Facts and Film Journey of Mughal E Azam Director
के आसिफ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
नौशाद ने फेंक दिया नोटों से भरा ब्रीफकेस
के आसिफ फिल्म 'मुगले ए आजम' के लिए यादगार म्यूजिक चाह रहे थे। वह संगीतकार नौशाद ब के पास गए और बेहतरीन म्यूजिक के लिए नोटों से भरा ब्रीफकेस नौशाद को थमा दिया। नौशाद को के आसिफ की यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई और उन्होंने नोटों से भरा ब्रीफकेस खिड़की के बाहर फेंक दिया दिया और कहा, 'आसिफ साब, यादगार म्यूजिक नोटों से नहीं आता।’
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के आसिफ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
एक गाने पर खर्च कर दिए 10 लाख
उस जमाने में अमूमन पांच से 10 लाख रुपये में फिल्में बन जाती थी। के आसिफ ने फिल्म ‘मुगल ए आजम’ के एक गाने 'प्यार किया तो डरना क्या' को फिल्माने में ही 10 लाख रुपये खर्च कर दिए थे। बताते हैं 105 गानों को रिजेक्ट करने के बाद नौशाद ने ये गाना चुना था। इस गाने में एक जगह लता मंगेशकर की आवाज गूंजती हुई सुनाई देती है, तब रिवर्ब इफेक्ट आया नहीं था और लता ये गाना गाते गाते इन लाइनों के आने पर पास के बाथरूम में चली गई थीं।
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मुगल ए आजम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बड़े गुलाम अली को दिए 25 हजार
फिल्म ‘मुगल ए आजम’ के लिए नौशाद उस जमाने के तानसेन कहे जाने वाले बड़े गुलाम अली की आवाज में एक गाना रिकार्ड करना चाह रहे थे। लेकिन, बड़े गुलाम अली ने ये कहकर मना कर दिया कि वह फिल्मों के लिए नहीं गाते। के आसिफ को  मना करने के लिए बड़े गुलाम अली ने यूं कह दिया कि वह एक गाने के 25 हजार रुपये लेंगे। उस दौर में लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी जैसे गायकों को एक गाने के तीन-चार सौ रुपये मिलते थे। के आसिफ ने तुरंत ही बड़े गुलाम अली की मांग मंजूर कर दी और उन्हें 10 हजार रुपये वहीं एडवांस के भी पकड़ा दिए।
 
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मुगल ए आजम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मधुबाला की हंसी के चलते रुकी शूटिंग
फिल्म 'मुगल ए आजम’ में शहंशाह अकबर, उनकी पत्नी जोधाबाई और सलीम पर एक सीन फिल्माया जा रहा था जिसमें अनारकली की भूमिका निभा रहीं मधुबाला को अपने चेहरे पर बेबसी और लाचारी वाले -भाव लाने थे, लेकिन इस सीन में वह बार-बार हंस देती थीं। यह सिलसिला लगातार सात दिनों तक चला। और, हर बार ऐसा होने पर के आसिफ पैकअप का एलान कर देते थे।
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