फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mehdi Hassan: इस वजह से बच्चे की तरह राजस्थान की मिट्टी में लोटने लगे थे मेहदी, लता जी को लेकर कही थी यह बात

Tue, 13 Jun 2023 10:01 AM IST
साक्षी पांडेय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: साक्षी पांडेय Updated Tue, 13 Jun 2023 10:01 AM IST
विज्ञापन
mehdi hassan Birth anniversary know about his personal and career here
मेहदी हसन - फोटो : सोशल मीडिया
गजल के बादशाह मेहदी हसन आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। मेहंदी हसन का जन्म 18 जुलाई, 1927 को हुआ था। उनका परिवार पहले से ही संगीत से तालुक रखता था। मेहदी हसन ने संगीत की तालीम अपने पिता उस्ताद आजिम खान और चाचा उस्ताद इस्माइल खान की देखरेख में ली थी। मगर हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बटवारे में उनका परिवार पाकिस्तान चला गया, जिसके बाद कराची जाकर उन्होंने वहां के रेडियो स्टेशन में काम किया।

 
mehdi hassan Birth anniversary know about his personal and career here
मेहदी हसन - फोटो : मेहदी हसन
मेहदी हमेशा पाकिस्तान में ही रहे, लेकिन उनके पुरखे भारत से संबंध रखते हैं। वे आज भी हिंदुस्तान की मिट्टी में दफन हैं। भले ही बटवारे के बाद से हिंदुस्तान के दो टुकड़े हो गए, लेकिन मेहदी हसन के चाहने वालों के दिल में उनके लिए कभी बंटवारा नहीं हुआ  निधन से पहले जब उनकी तबियत खराब हुई थी तब दोनों मुल्कों में दुआ के लिए एकसाथ हाथ उठे थे।
 
mehdi hassan Birth anniversary know about his personal and career here
मेहदी हसन - फोटो : सोशल मीडिया
मेहदी ने 13 जून 2012 को दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके नगमों में ऐसी ताकत थी, जो साबित करती है कि संगीत की कोई सरहद नहीं होती है। सन् 1978 में मेहदी हसन जब अपनी भारत यात्रा पर आए तो उस वक्त गजलों के एक कार्यक्रम के लिए वे सरकारी मेहमान बनकर जयपुर भी पहुंचे। यहां पहुंचकर उनकी एक ख्वाहिश को पूरा किया। वो ख्वाहिश थी एक बार उस जमीं का दीदार करने की जहां उनके पुरखे दफन थे। गजल गायक की इस आरजू का पूरा ख्याल रखा गया और उन्हें पैतृक गांव राजस्थान में झुंझुनू जिले के लूना ले जाया गया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
mehdi hassan Birth anniversary know about his personal and career here
मेहदी हसन - फोटो : मेहदी हसन
बताते हैं कि जब मेहदी हसन की गाड़ियों का काफिला उनके पैतृक गांव पहुंचा तो उन्होंने गाड़ी रुकवा दी।वो कार से उतरे, गांव में सड़क किनारे एक टीले पर छोटा-सा मंदिर बना था।  उसके पास पड़ी रेत में लिपटकर यूं खेलने लगे जैसे बचपन लौट आया हो। कहते हैं मेहदी हसन का ये प्यार देखकर वहां खड़े हर शख्स की आंखें नम थीं, क्योंकि वक्त बीतने के बावजूद बंटवारे का दर्द लोग भूल नहीं पाए थे।
 
विज्ञापन
mehdi hassan Birth anniversary know about his personal and career here
मेहदी हसन - फोटो : मेहदी हसन
मशहूर गायिका लता मंगेशकर मेहदी हसन की मुरीद थीं. लता मंगेशकर ने उनके बारे में एक बार कहा था, "ऐसा लगता है कि मेहंदी हसन साहब के गले में भगवान बोलते हैं ।"

Read more- Shahrukh Khan: क्या आपने स्मोकिंग छोड़ दी है? फैन के इस सवाल का शाहरुख ने दिया ऐसा जवाब कि बंद हो गई बोलती


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed