बीते साल ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्मों में जिस फिल्म को सबसे ज्यादा दर्शकों ने बीच में ही छोड़ दिया, उनमें वरुण धवन की फिल्म ‘कुली नंबर वन’ अव्वल नंबर रही। ये फिल्म इसके निर्माता वाशू भगनानी की ही 26 साल पहले गोविंदा के साथ बनाई गई फिल्म ‘कुली नंबर वन’ की रीमेक रही। दोनों फिल्मों के निर्देशक डेविड धवन। दोनों फिल्मों के निर्माता वाशू भगनानी। दोनों फिल्मों की कहानी भी वही। बस सितारों के खेल ने रीमेक का बंटाधार कर दिया। इस फिल्म की खरीद फरोख्त को लेकर ओटीटी कंपनी प्राइम वीडियो के भीतर भी लंबे समय तक उठापटक मची रही। रीमेक तो खैर मस्ती मस्ती में बनी लेकिन ओरीजनल के बनने का किस्सा कमाल है। फिल्म निर्माता वाशू भगनानी किसी काम से चेन्नई में थे। वहां उन्होंने एक फिल्म देखी और वहां से मुंबई लौटे तो उसे हिंदी में बनाने के राइट्स लेकर। ये फिल्म थी ‘चिन्ना मपील्लाई’ और इसकी रीमेक रिलीज हुई फिल्म ‘कुली नंबर वन’ के नाम से। वाशू भगनानी की बतौर निर्माता ये पहली फिल्म रही और इसके बाद तो नंबर वन वाली फिल्मों की उन्होंने लाइन लगा दी।
Bioscope S2: इसलिए फ्लॉप हुई वरुण धवन की कुली नं.1, यहां समझिए असली फिल्म की कामयाबी का तिलिस्म
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नंदू तोलानी ने दिया पहला सहारा
वाशू भगनानी का मुंबई में आना जाना था मशहूर निर्माता नंदू तोलानी के यहां। नंदू तोलानी ने ही डेविड धवन को बतौर निर्देशक और गोविंदा को हीरो लेकर फिल्म बनाई थी फिल्म ‘स्वर्ग’। 1990 में रिलीज हुई राजेश खन्ना, गोविंदा, जूही चावला और माधवी स्टारर इस फिल्म ने गोविंदा के लड़खड़ाते करियर को रीमेक का मजबूत आधार दिया। ये फिल्म 1960 में रिलीज हुई तमिल फिल्म ‘पदिक्कदा मेदाई’ पर आधारित थी। इसी फिल्म की कहानी के आधार पर 1967 में अशोक कुमार की फिल्म ‘मेहरबान’ भी बनी थी। डेविड धवन तब तक गोविंदा की ज़िंदगी में आ चुके थे। दोनों की पहली फिल्म ‘ताकतवर’ 1989 में रिलीज हो चुकी थी। तो वाशू भगनानी ने जब नंदू तोलानी को बताया कि वह चेन्नई से एक बहुत ही कमाल की फिल्म के रीमेक राइट्स खरीदकर लौटे हैं तो नंदू तोलानी ने झट से गोविंदा का नाम आगे कर दिया। गोविंदा और डेविड धवन ने निर्देशक-अभिनेता की जोड़ी में 17 फिल्में एक साथ काम की हैं, हिंदी सिनेमा का ये एक अनोखा रिकॉर्ड भी है।
वाशू ने जमाई बढ़िया फील्डिंग
वाशू भगनानी तो फिल्म ‘आंखें’ के बाद से ही डेविड धवन के पीछे लगे हुए थे। डेविड को भी वाशू भले इंसान लगे दोनों की बैठकें होने लगीं और गाड़ी चल निकली। नंदू तोलानी के कहने पर गोविंदा भी फिल्म में आ गए। प्रोजेक्ट पूरा वहीं बैठकर वाशू भगनानी ने सेट कर दिया। फिल्म के लिए वाशू ने बेहतरीन लोगों की टीम तैयार की। फिल्म की राइटिंग टीम में रूमी जाफरी औऱ कादर खान आए, सिनेमैटोग्राफी के लिए शानदार सिनेमैटोग्राफर राजन किनागी को साइन किया गया और फिल्म की एडीटिंग के लिए टीम में आए ए मथु। सलमान खान की फिल्म ‘बागी’ से हिंदी सिनेमा में फिल्म एडीटिंग शुरू करने वाले ए मुथ ने डेविड धवन की तमाम हिट फिल्मों की एडीटिंग की है। शाहरुख खान की पहली फिल्म ‘दीवाना’ की एडीटिंग भी उन्होंने ही की थी। वाशू भगनानी की ए मुथु से खूब पटने लगी और उन्होंने अभिषेक बच्चन व कीर्ति रेड्डी स्टारर अपनी फिल्म ‘तेरा जादू चल गया’ का निर्देशन भी ए मुथु से ही करवाया।
गोविंदा का असली करिश्मा
फिल्म ‘कुली नंबर वन’ में गोविंदा अपने पूरे चुहलभरे अंदाज में नजर आए। करिश्मा कपूर के साथ उनकी जोड़ी खूब पसंद की गई। दोनों की जोड़ी पहली बार फिल्म ‘राजा बाबू’ में साल 1994 में परदे पर दिखी और दोनों की केमिस्ट्री ऐसी जमी कि दोनों की लगातार छह फिल्में ‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर वन’, ‘हीरो नंबर वन’, ‘हसीना मान जाएगी’, ‘साजन चले ससुराल’ और ‘खुद्दार’ हिट रहीं। आखिरी दो फिल्में दर्शकों को थोड़ा कमजोर लगीं और इसके बाद रिलीज हुई चारों फिल्में ‘शिकारी’, ‘मुकाबला’, ‘दुलारा’ और ‘प्रेम शक्ति’ में दोनों का करिश्मा फीका पड़ गया। फिल्म ‘कुली नंबर वन’ अपनी अतरंगी सी कहानी और इसको पेश करने के डेविड धवन के तरीके के चलते लोगों को खूब पसंद आई। गोविंदा अच्छे खासे ठीक ठाक घर से थे। लेकिन, उन्होंने अपनी छवि उन दिनों एक सड़कछाप हीरो की बना रखी थी। ब्रांडिंग उन्होंने अपनी कर रखी थी विरार के छोकरे के नाम से। एक तरफ विरार का छोकरा और दूसरी तरफ हिंदी सिनेमा के सबसे रईस कपूर खानदान की बेटी। दर्शकों को ये समीकरण जम गया और टिकट खिड़की पर पैसा बरसने लगा। जब तक लोगों को समझ आया कि मामला क्या है, प्रोड्यूसर वाशू भगनानी की तरह दोनों हाथों से दौलत बटोर चुके थे।
आनंद मिलिंद के म्यूजिक का धमाल
वाशू भगनानी की शुरू की फिल्में अगर देखेंगे तो हर फिल्म में म्यूजिक कमाल का रहा। वाशू खुद म्यूजिक इंडस्ट्री से बरसों से जुड़े रहे तो उनको गाने सुनते सुनते अच्छे बुरे की पहचान भी बढ़िया हो गई थी। वह गाना सुनकर ये बता सकते थे कि ये गाना चलेगा कि नहीं चलेगा। कुली नंबर वन का संगीत बनाने की जिम्मेदारी मिली आनंद मिलिंद को। कम लोगों को ही पता होगा कि आनंद मिलिंद को पहला बड़ा ब्रेक अपने करियर का गोविंदा की साइन की हुई पहली फिल्म ‘तन बदन’ में ही मिला था। मेलोडीवाला मस्त म्यूजिक बनाने में माहिर आनंद मिलिंद का गोविंदा की फिल्मों ‘स्वर्ग’ और ‘राजा बाबू’ का म्यूजिक सुपरहिट रहा था। वाशू भगनानी ने इसीलिए इसी जोड़ी को फिल्म ‘कुली नंबर वन’ में रिपीट कर दिया। फिल्म की रिलीज से पहले ही फिल्म के गाने हिट हो गए। नई सिंगर चंदना दीक्षित और अभिजीत के गाए इस गाने ने तो उन दिनों हंगामा बरपा दिया था।