Trailer Review: गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल
कलाकार: जान्हवी कपूर, मानव विज, विनीत सिंह, अंगद बेदी और पंकज त्रिपाठी
निर्देशक: शरण शर्मा
यूट्यूब चैनल: नेटफ्लिक्स
रेटिंग: **
तो तैयार हो जाइए। नेपोटिज्म को लेकर चल रही बहस की दूसरी लड़ाई देखने के लिए। सूर्यवंशी से पहले करण जौहर गुंजन सक्सेना द कारगिल गर्ल (Gujan Saxena: The Kargil Girl) लेकर आ रहे हैं। लीड किरदार कर रही हैं निर्माता बोनी कपूर की बिटिया जान्हवी कपूर। साथ में तमाम दूसरे दमदार सितारे भी हैं, लेकिन जिस असल कलाकार में सबसे ज्यादा दमखम की जरूरत यहां दिखती है, वही ट्रेलर में सबसे कमजोर है। दो मिनट 41 सेकेंड का ट्रेलर देखकर पहला ख्याल तो यही आता है मन में कि तुमसे ना हो पाएगा।
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गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल
- फोटो : ट्विटर
गुंजन सक्सेना, बस नाम ही काफी है। 1999 के कारगिल युद्ध में गुंजन और श्रीविद्या राजन ने लड़ाई के दौरान कारगिल, टोलोलिंग और बाटालिक एरिया में चीता हेलीकॉप्टर उड़ाए थे। इनका काम था इलाके में दुश्मन की टोह लेना और दुश्मन के हमलों का शिकार हुए फौजियों को बेस तक पहुंचाना। सक्सेना को इस काम के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।
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गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल
- फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म गुंजन सक्सेना का ट्रेलर शुरू होता है तो बता देता है कि कहानी को मनोरंजक बनाने के लिए इसे बनाने वालों ने अपने हिसाब से कहानी को घुमाया है। और ट्रेलर देखते समय ये पता भी चलता है जब पंजा लड़ाने वाले सीन में गुंजन सक्सेना को पंजा ढंग से पकड़ते भी नहीं दिखाया जाता, यूं लगता है कि उसने पंजा लड़ाने से पहले ही हार मान ली है और फिर आंखों में बड़े बड़े आंसू, गले से हिचकी के साथ आती आवाज और दूसरी तरफ रोता पिता।
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गुंजन सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
देशभक्ति किसी को भी भावुक कर देना का सबसे आसान तीर है। लेकिन, इसे छोड़ने के लिए धनुष को पकड़ने का सलीका भी आना जरूरी है। जान्हवी कपूर लाड प्यार में पली हैं। रस्से के सहारे कूद कर दूसरी तरफ पहुंचने के लिए इसीलिए उनके पैर तक क्लोजअप में दिखाए जाते हैं, लॉन्गशॉट में शायद वह ये कर नहीं पाएंगी। 'द टेस्ट केस' अगर आपने देखी है तो समझ आएगा कि जो कंडीडेट एनडीए या सीडीएस की परीक्षा पास करके एसएसबी क्वालीफाई करता है उसे एकेडमी रगड़ घिस कर इतना मजबूत तो बना ही देती है कि वह चलते समय मॉडल न लगे।
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गुंजन सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
ट्रेलर में सबसे ज्यादा जो कलाकार प्रभावित करता है वह हैं विनीत सिंह। दूसरे नंबर पर मानव विज और अंगद बेदी दिखते हैं। इसके बाद पंकज त्रिपाठी का नंबर इसलिए आता है कि वह अब टाइप्ड होने लगे हैं। परदे पर अगर वह हर बार एक ही शैली में बोलते, एक ही शैली में आंखों से अभिनय करते और एक ही शैली में हाथ उठाते दिखेंगे तो जाहिर है दर्शक बोर होने लगते है। जान्हवी कपूर के अभिनय पर टिप्पणी फिल्म देखने के बाद ही की जा सकती है क्योंकि किसी फिल्म के टाइटल रोल में अगर करण जौहर जैसे दिग्गज निर्माता ने उन्हें चुना है तो जाहिर है ये सिर्फ इसलिए तो नहीं ही होगा कि वह एक ‘स्टार किड’ है। 11 दिन और इंतजार कर लेने में हर्ज नहीं है।