Movie Review: मेड इन चाइना
निर्माता दिनेश विजन 14 साल से हिंदी सिनेमा में नई तरह की फिल्में बनाते रहे हैं। बीईंग साइरस से लेकर गो गोवा गॉन, बदलापुर और स्त्री तक उन्होंने हिंदी सिनेमा को बार बार ऐसी फिल्में दी हैं, जिन्होंने दर्शकों को मनोरंजन के नए मायने समझाए हैं। इस बार उन्होंने दमदार अभिनेता राजकुमार राव पर दांव लगाया है। राजकुमार राव ने दिनेश विजन के दृष्टिकोण को फिल्म मेड इन चाइना में समझा भी है, परखा भी है और उस पर सही साबित होने में कामयाब भी रहे हैं। सोलो या कपल वॉचिंग के लिए मेड इन चाइन इस फेस्टिव सीजन में एक ठीक ठाक फिल्म है।
Made In China Review: राजकुमार राव ने पार लगाई नैया, दर्शकों को भाई मौनी रॉय की ता ता थैया
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रघुवीर मेहता उर्फ रघु गुजरात का रहने वाला है। दिमाग में उसके नए विचारों की फैक्ट्री चलती है। ये अलग बात है इसका उत्पाद हर बार फेल हो जाता है। विरासत में मिले कारोबार में उसका मन नहीं लगता और एक दिन किस्मत उसे चीन ले आती है। यहां उसे मिलती है वो जड़ी बूटी जो विवाहित जीवन में फुलझड़ियां छुड़ा सकती है। इंसान को रॉकेट बना देने की ये दवा उसे काबिल बिजनेसमैन बना सकती है लेकिन राह इतनी आसान नहीं है।
हिंदी सिनेमा में सेक्स को लेकर सिनेमा की कमर्शियल शुरूआत आयुष्मान खुराना की विकी डोनर से मानी जाती है। राजकुमार राव भी मेड इन चाइना में वही सब करते दिखते हैं जो आयुष्मान ने विकी डोनर में किया। वह एक आम आदमी हैं। मुसीबतों के चक्रव्यूह के सात रास्ते खोलना उन्हें आता है, बस आठवें रास्ते के दरवाजे का उन्हें इल्म नहीं है। अगर ये फिल्म देखते हुए आपको बार बार राजकुमार की सिटीलाइट्स याद आती है तो यही राजकुमार की जीत है। उनका किरदार दर्शकों को अपने आस पास का ही लगता है। उसकी दिक्कतें आम इंसानों जैसी हैं और उसकी जीत इसीलिए सच्ची लगने लगती है। कलाकारों में राजकुमार के अलावा मौनी रॉय से भी लोगों को काफी उम्मीदें रहीं और वह अपना छोटा सा लेकिन मनोरंजक किरदार निभाने में सफल रहीं। सहारा फिल्म को गजराव राव, सुमीत व्यास और परेश रावल का भी मिला है। लेकिन राजकुमार के बाद अगर किसी अभिनेता ने फिल्म में असर छोड़ा है तो वह हैं बोमन ईरानी। उनके किरदार को देख आपको थ्री ईडियट्स का वीरू सहस्त्रबुद्धे याद आ सकता है।
फिल्म की कहानी ठीकठाक है। अभिनय सारे कलाकारों ने अपनी क्षमता के मुताबिक किया है, बस फिल्म अटकती है अपने निर्देशन को लेकर। निर्माता दिनेश विजन ने अपनी तमाम फिल्मों में कम मशहूर या नए निर्देशकों पर दांव लगाया है। निखिल मुसाले के मामले में उनकी परख कमजोर रही। फिल्म में निखिल का अपना कोई दृष्टिकोण नजर नहीं आता। फिल्म सोनाक्षी सिन्हा की खानदानी शफाखाना और आयुष्मान खुराना की विकी डोनर के बीच की फिल्म है। कमजोर संगीत फिल्म की दूसरी बड़ी कमजोरी है।
बॉक्स ऑफिस पर फिल्म मेड इन चाइना का मुकाबला हाउसफुल 4 और सांड की आंख से हो रहा है। इस मुकाबले में अपने लचर प्रचार प्रसार के कारण मेड इन चाइना भले कमजोर दिखती हो लेकिन ये इतनी कमजोर फिल्म भी नहीं है। राजकुमार राव के प्रशंसकों को ये फिल्म पसंद आएगी और ज्यादा लंबी न होने के कारण अपने संगी साथियों के साथ फिल्म देखने जाने वालों को भी ये पसंद आ सकती है। अमर उजाला के मूवी रिव्यू में फिल्म मेड इन चाइना को मिलते हैं पांच में से तीन स्टार।
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