निर्माताः ट्रनिटी पिक्चर्स/अजित ठाकुर
निर्देशकः अमोल गुप्ते
सितारेः खुशमीत गिल, सुरेखा सीकरी, सुष्मिता मुखर्जी, राजेश पुरी, पुतुल गुहा
रेटिंग: **
हिंदी में अमोल गुप्ते की पहचान बच्चों की खूबसूरत फिल्में बनाने की है। 'तारे जमीन पर' फिल्म के पीछे असली दिमाग उन्हीं का था। हवा हवाई और स्टेनली का डिब्बा जैसी संवेदनशील फिल्में अमोल गुप्ते ने ही दीं। ये कहानियां साधारण बच्चों के जीवन की थीं परंतु स्निफ में एक नन्हें नायक में सुपर हीरो ढूंढने की उनकी कोशिश नाकाम है।
फिल्म की कमजोर कहानी, ढीली और बिखरी स्क्रिप्ट ने मूल आइडिये को लचर कर दिया। फिर फिल्म को बड़ों के देखने योग्य बनाने की कोशिश में स्निफ औंधे मुंह गिर गई। न बड़ों के लायक रह गई, न बच्चों के। मुंबई की हाउसिंग सोसायटी की मीटिंग और कार्यक्रम के दृश्य लंबे/उबाऊ हैं। आपने अमोल की पिछली फिल्में देखीं हैं तो विश्वास करना कठिन होता है कि क्या वाकई यह उनकी फिल्म है!
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स्निफ का सनी (खुशमीत गिल) तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला बच्चा है। उसकी दादी का अचार बनाने का पुश्तैनी बिजनेस है। मगर सनी की समस्या यह कि वह कुछ सूंघ नहीं सकता। डॉक्टर के अनुसार उनकी नाक की नसों में कुछ ऐसा ब्लॉक है कि जिसे मेडिकल साइंस ठीक नहीं कर सकती।
परंतु स्कूल के एक बंद पड़े लाइब्रेरीनुमा कैमेस्ट्री लैब में सनी के हाथों कुछ रासासन गिरकर यूं मिक्स होते हैं कि उनसे बनी गैस बच्चे की नाक खोल देती है! चमत्कार यह कि सनी अब दो किलोमीटर दूर तक की गंध सूंघ सकता है। क्लास के बच्चों का मुंह सूंघ कर बता सकता है कि बीती रात, दोपहर या पिछली सुबह उन्होंने क्या खाया।
सनी को यह शक्ति मिलने के बाद कहानी की मुख्य दिशा बदलती है कि मुंबई में कार चोरों का गिरोह सक्रिय है। सनी की सोसायटी से भी कारें चोरी हुई हैं। क्या सनी अपनी सूंघने की शक्ति से चोरों का भंडाफोड़ कर सकेगा?
वास्तव में लेखक-निर्देशक सनी को मिली अद्भुत शक्ति का बिल्कुल सही इस्तेमाल नहीं कर सके। सनी किसी सीन में सुपरपावर को ढंग से इस्तेमाल करते नहीं दिखता और कार चोरों के गिरोह के भंडाफोड़ का पूरा घटनाक्रम बचकाना बन जाता है।
लेखकों और अमोल ने सोसायटी की कार चोरी की घटनाओं को मानवीय टच देने की कोशिश की परंतु उसका सनी के सूंघने की शक्ति से कोई संबंध नहीं रह जाता। फिल्म में सनी के अलावा अन्य प्रमुख किरदारों को कॉमिक रखा गया है।
मगर वे बिल्कुल नहीं हंसा पाते। कुल मिलाकर स्निफ निराश करती है। आप सिर्फ यही उम्मीद कर सकते हैं कि अमोल भविष्य में इससे बेहतर कुछ बनाएंगे।