हिंदी अखबारों में तब सिनेमा की खबरों आदि के लिए हफ्ते में बस एक दिन तय पेज हुआ करता था और डिजिटल जैसी कोई चीज हिंदी में तब तक आई नहीं थी। जो कुछ था वो या तो एमएसन था या फिर याहू। टेलीविजन पर हॉलीवुड फिल्में आने लगी थीं और ऐसे ही एक दिन देखने को मिली टर्मिनेटर 2: जजमेंट डे। जेम्स कैमरॉन के करिश्मे से ये मेरा पहला परिचय था। फिल्म थिएटर में रिलीज हुए पांच साल हो चुके और इसके बाद भी पूरी दुनिया में इसकी दमक बरकरार थी। रॉबर्ट पैट्रिक का पारे की तरह अपना रूप बदलना और अर्नाल्ड श्वार्जेनेगर का जॉन कॉनर को मोटरसाइकिल पर लेकर भागना और फिर वह ट्रक वाला सीक्वेंस। सब कुछ याद आ जाता है जब टर्मिनेटर डार्कफेट की शुरूआत सारा कॉनर के पागलखाने वाले सीन से होती है।
Terminator Dark Fate Review: रीबूट की कसौटी पर खरी उतरी अर्नाल्ड की टर्मिनेटर डार्कफेट
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टर्मिनेटर डार्कफेट इसी के साथ ये भी तय कर देती है कि बीच की टर्मिनेटर सीरीज की फिल्में भूल जाइए क्योंकि इस फिल्म का रिश्ता टर्मिनेटर की पहली दो फिल्मों से ही है। वो दो फिल्में जिन्होंने अर्नाल्ड श्वार्जेनेगर के पोस्टरों को दुनिया भर के हर जिम की जरूरी सजावट बना दिया। फिल्म की शुरूआत में ही बता दिया जाता है कि जॉन कॉनर की हत्या कैसे हुई? आज के युवाओं को भले 1984 औऱ 1991 में टर्मिनेटर सीरीज की दोनों फिल्मों का करिश्मा पता न हो, पर डेडपूल जैसी आज के जमाने की फिल्म बना चुके निर्देशक टिम मिलर डार्क फेट की शुरुआत में ही कहानी का दायरा खोल देते हैं। ये फिल्म देखने का मन करता है तो इसलिए भी कि इसमें अर्नाल्ड, लिंडा हैमिल्टन और जेम्स कैमरॉन की तिकड़ी फिर एक साथ है। 28 साल का नॉस्ताल्जिया बड़ी चीज है। और, सोने पर सुहागा हैं इस फिल्म की तीनों देवियां। लिंडा का साथ देने के लिए यहां दो नई कलाकार मैकेंजी डेविस और नटालिया राइस हैं।
वंडर वूमन से शुरू हुआ दमदार महिला किरदारों का सिलसिला कैप्टन मार्वेल से होता हुआ टर्मिनेटर डार्कफेट तक आ पहुंचा है। फिल्म भले अर्नाल्ड की टर्मिनेटर के तौर पर वापसी का ऐलान करती रही हो, लेकिन ये फिल्म टर्मिनेटर फ्रेंचाइजी में महिला शक्ति के दबदबे को स्थापित करती है। मैकेंजी यहां भविष्य से आईं एक अपग्रेडेड इंसान के किरदार में हैं जिसे नटालिया राइस के किरदार डैनिएला रामोस को उस टर्मिनेटर से बचाना है जो भविष्य से उसे मारने आया है। और, इस बार जो टर्मिनेटर आया है, वह रूप बदल सकता है और दो शरीरों में बंटकर भी लड़ सकता है। सिनेमा के सबसे खतरनाक विलेन रेव 9 के इस किरदार में गैब्रिएल लुना ने कमाल का काम किया है।
टर्मिनेटर डार्कफेट की हाइप इसका नॉस्ताल्जिया है। लेेकिन, इसका एक्शन सिनेमा हॉल में आपको सीट पकड़ने पर मजबूर कर देगा। फिल्म की शुरुआत ही धमाकों, गोलियों की बौछारों और ट्रकों की रेस से होती है और इन धमाकों में सुनाई देती है सारा कॉनर की रोबीली आवाज, आई विल बी बैक। फिल्म का असली ट्विस्ट आता है सारा कॉनर और कार्ल (अर्नाल्ड) के आमने सामने होने के बाद। दोनों का परदे पर पहली बार आमने सामने आना ही दर्शकों में सिहरन भर देता है। टिम मिलर का फिल्ममेकिंग का अपना खास अंदाज है और एक्शन के बीच मस्ती यहां आती है सारा औऱ कार्ल के बीच चलते रहने वाली मुंहाचाही से।
टर्मिनेटर डार्कफेट का एक्शन आज के युवाओं के लिए है। टर्मिनेटर सीरीज की पहली दोनों फिल्मों से इसका सीधा कनेक्शन उनके अभिभावकों को भी थिएटर आने पर मजबूर करता है। जेम्स कैमरॉन ने अपने साथियों के साथ इसकी कहानी कमाल की गढ़ी है और टिम मिलर के निर्देशन ने फिल्म को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने में कामयाबी पाई है। जहां कहानी कमजोर होती है, वहां इसके एक्शन सीन हावी हो जाते हैं। अर्नाल्ड के एक पति के तौर अपनी खासियत बताने वाले सीन में जहां दर्शक लोटपोट होते हैं वहीं आसमान में आग लगने के बाद गिरते हवाई जहाज के भीतर फिल्माया गया एक्शन सीन कलेजा मुंह को ले आता है।