परवीन बॉबी हिंदी सिनेमा का वो नाम हैं, जिनकी सफलता आज भी लोगों के लिए एक मिसाल है। 70 के दशक में परवीन ने वो सबकुछ हासिल किया, जिसे आज कोई भी अभिनेत्री पाने के लिए दिलों जान से मेहनत करती हैं। परवीन ने अपने करियर में करीब 50 फिल्मों में अभिनय किया। इन फिल्मों में उन्होंने एक से बढ़कर एक किरदार निभाएं और शोहरत की बुलंदियों को छुआ, लेकिन इसके बावजूद अपने जीवन के आखिरी वक्त तक परवीन तन्हा रहीं। आज परवीन बॉबी की 19वीं पृण्यतिथि हैं, चलिए आपको अभिनेत्री के जीवन के कुछ दिलचस्प किस्सों को बारे में बताते हैं।
Parveen Babi: शोहरत की बुलंदियां छूने के बाद भी परवीन को नहीं मिला मुकम्मल जहां, आखिरी वक्त तक तन्हा रहीं बॉबी
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परवीन का जन्म 4 अप्रैल, 1949 को सौराष्ट्र के जूनागढ़ में हुआ था। मिडिल क्लास मुस्लिम परिवार में जन्मी परवीन ने अहमदाबाद के सेंट जेवियर्स कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद वे मॉडलिंग में करियर तलाशने लगीं। कहा जाता है कि इस दौरान बीआर इशारा एक नई अभिनेत्री की तलाश में थे।
एक दिन उनकी नजर परवीन बॉबी पर पड़ी, जो उस वक्त सिगरेट पी रही थीं। उन्हें देखकर बीआर इशारा ने तय कर लिया कि उनकी खोज पूरी हो गई है। बीआर इशारा ने क्रिकेटर सलीम दुर्रानी के साथ साल 1973 में फिल्म 'चरित्र' में परवीन को मौका दिया। हालांकि, ये फिल्म फ्लॉप हो गई, लेकिन परवीन बॉबी का जादू चल गया।
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परवीन को पहली हिट फिल्म अमिताभ बच्चन के साथ साल 1974 में फिल्म 'मजबूर' से मिली। इसके बाद उन्होंने एंग्री एंग मैन के साथ कई सफल फिल्में दी, जिनमें 'दीवार', 'अमर अकबर एंथनी', 'शान' और 'कालिया' जैसी फिल्में मुख्य रूप से शामिल हैं। साल 1976 में परवीन सफलता के उस मुकाम पर थी, प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने उस साल उन्हें अपने कवर पर छापा था।
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हालांकि, परवीन बॉबी के सिनेमाई करियर की तरह उनका निजी जीवन सफल नहीं रहा। परवीन अभिनेता डैनी के साथ रिश्तें में आईं, लेकिन उनका यह प्यार बहुत आगे नहीं बढ़ पाया। डैनी ने एक साक्षात्कार में बताया था कि परवीन और उनका साथ तीन-चार साल का रहा था। हालांकि, दोनों के रास्ते बाद में अलग हो गए। इसके बाद परवीन का नाम कबीर बेदी और महेश भट्ट के साथ भी जुड़ा, लेकिन उन्हें अपना मुक्कमल जहां नहीं मिला। वे बीमार रहने लगी और 20 जनवरी 2005 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
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