फ्रांस के शहर कान में चल रहे कान फिल्म फेस्टिवल का ठप्पा अपनी फिल्म पर लगाकर वाहवाही लूटने में लगे निर्माताओं में अब देसी ओटीटी जी5 भी शामिल हो गया है। जी5 ने सोमवार को एक प्रेस रिलीज जारी करके हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म पर रिलीज फिल्म ‘काम चालू है’ की स्क्रीनिंग कान फिल्म फेस्टिवल में होने का दावा किया, लेकिन रिलीज के साथ भेजी गई तस्वीरें साफ बता रही हैं कि इस फेस्टिवल की स्क्रीनिंग फिल्म फेस्टिवल की किसी कैटेगरी में नहीं बल्कि कान में चल रहे फिल्म बाजार (माशे डु फिल्म) में हुई है। इस स्क्रीनिंग के लिए फिल्म के मुख्य अभिनेता राजपाल यादव ने निर्माताओं की संस्था इम्पा का आभार भी जताया है।
Cannes 2024 Fake News 2: झूठ की दुकान का ‘काम चालू है’, बाजार में प्रदर्शित फिल्म को बताया फेस्टिवल का हिस्सा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा) बीते कई दिनों से अपनी कान फिल्म फेस्टिवल में मौजूदगी को लेकर उत्साहित रहा है। उनकी भेजी रिलीज में भी तमाम ऐसी फिल्मों के कान फिल्म फेस्टिवल में दिखाए जाने का दावा किया जाता रहा है, जो फिल्में दरअसल इस फेस्टिवल के समानांतर चल रहे फिल्म बाजार में दिखाई जा रही है। इस फिल्म बाजार में दुनिया का कोई भी फिल्म निर्माता पैसे खर्च करके थियेटर बुक करा सकता है और अपनी फिल्म इस लिहाज से वहां दिखा सकता है कि उसे नए खरीदार मिल सकें। राजपाल यादव और जिया मानेक की फिल्म ‘काम चालू है’ की स्क्रीनिंग भी फिल्म बाजार में ही हुई है।
हर साल कान फिल्म फेस्टिवल शुरू होते ही मुंबई के तमाम फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार और तकनीशियन वहां पहुंच जाते हैं। अपने अपने प्रायोजकों के बुलावे में पहुंची अभिनेत्रियां वहां रेड कापरेट की अपनी तस्वीरें सिनेमा में अपने बड़े योगदान के तौर पर प्रचारित प्रसारित करती हैं। जबकि, हकीकत ये होती है कि इनके आने जाने और रहने खाने का खर्च वे कंपनियां देती हैं, जिनके उत्पादों का ये प्रचार करने के लिए अनुबंधित होती हैं। सिनेमा से इस रेड कारपेट वॉक का कोई लेना देना नहीं होता और न ही ये अभिनेत्रियां किसी फिल्म की स्क्रीनिंग में ही वहां शामिल होती हैं।
अभिनेताओं में इस साल ज्यादा चेहरे कान में दिखे नहीं हैं। लेकिन, मुंबई के तमाम फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों की स्क्रीनिंग कान फिल्म फेस्टिवल में होने की बातें सोशल मीडिया पर साझा करके वहां पहुंचे हुए हैं। फिल्म ‘हमारे बारह’ की असलियत हम बता ही चुके हैं। इस फिल्म की फिल्म बाजार में हुई स्क्रीनिंग को फेस्टिवल स्क्रीनिंग बताने की पोल खुल चुकी है। सोमवार को जी5 की पोल भी यही कोशिश करते हुए खुली। जी5 की प्रेस रिलीज में दावा किया गया है कि उनकी फिल्म ‘काम चालू है’ फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई, जबकि फिल्म के निर्देशक पलाश मुच्छल और राजपाल यादव ने जिन टिकटों को हाथ में ले रखा है, वे माशे डु फिल्म यानी फिल्म बाजार की हैं। राजपाल ने इस स्क्रीनिंग के लिए इम्पा को धन्यवाद दिया है न कि कान फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों को।
इसी तरह का एक झूठ दिग्गज अभिनेता राजेंद्र गुप्ता अभिनीत फिल्म ‘हप्पन सांगवाला’ के निर्माता भी फैला रहे हैं। राजेंद्र गुप्ता ने तो उनके कहने पर अपने सोशल मीडिया पेज पर फिल्म की कान फिल्म फेस्टिवल मे होने वाली स्क्रीनिंग का पोस्टर भी लगा रखा है। उनके इस पोस्टर पर कान पहुंचे वरिष्ठ फिल्म समीक्षक अजित राय ने ये सवाल पूछते हुए टिप्पणी की कि इसका चयन कान फिल्म फेस्टिवल के किस खंड में और किस सभागार में हो रहा है? जवाब में राजेंद्र गुप्ता लिखते हैं, ‘ये सब हमारे प्रोड्यूसर रवि यादव को मालूम होगा भाई, मुझे जानकारी नहीं। 20 मई को प्रदर्शन है।