सांसद तेजस्वी सूर्या और शिवश्री स्कंदप्रसाद आज शादी के बंधन में बंध गए हैं। दोनों ने आज गुरुवार 6 मार्च 2025 को बंगलूरू में पारंपरिक तरीके से शादी रचाई है। तेजस्वी सूर्या बंगलूरू दक्षिण से भाजपा के तेज-तर्रार और युवा सांसद हैं। वहीं, शिवश्री गायिकी एवं नृत्य की दुनिया से ताल्लुक रखती हैं। जानते हैं कौन हैं शिव श्री स्कंदप्रसाद?
Sivasri Skandaprasad: कौन हैं शिवश्री स्कंदप्रसाद? जानिए ऐश्वर्या राय से कनेक्शन, BJP सांसद से रचाई शादी
Sivasri Skandaprasad And Tejasvi Surya Wedding: सिंगर और भरतनाट्यम डांसर शिवश्री स्कंदप्रसाद शादी के बंधन में बंध गई हैं। उन्होंने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या से आज गुरुवार 6 मार्च को शादी रचाई है।
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बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं शिवश्री
शिवश्री स्कंद्रप्रसाद बहुमुखी प्रतिभा की धनी कलाकार हैं। वे गायिकी का हुनर रखती हैं। इसके अलावा वे भरतनाट्यम डांसर भी हैं। साथ ही पेंटर और बायो-इंजीनियर भी हैं। वे अंतरर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। देश ही नहीं, दुनियाभर में शिवश्री भारतीय कला और संस्कृति को पहचान दिला रही हैं।
क्या है ऐश्वर्या राय से कनेक्शन?
शिवश्री स्कंदप्रसाद मशहूर कर्नाटक गायिका और कलाकार हैं। ऐश्वर्या राय से उनका क्या कनेक्शन है यह भी जान लेते हैं। दरअसल, शिवश्री ने फिल्म निर्माता मणिरत्नम की हिट फिल्म 'पोन्नियिन सेल्वन' का गाना अपनी सुरीली आवाज से सजाया है। मालूम हो कि इस फिल्म में अभिनेत्री ऐश्वर्या राय ने लीड रोल अदा किया है। शिवश्री ने फिल्म का 'हेले नीनू' गाना गाया है। कन्नड़ भाषा में इसे तृषा कृष्णन और शोभिता धुलिपाला पर फिल्माया गया था।
निजी समारोह में रचाई शादी
शिवश्री और तेजस्वी प्रसाद ने एक बहुत ही निजी समारोह में शादी रचाई है। कपल ने इसी साल जनवरी में सगाई की। हालांकि, उन्होंने अपनी सगाई और शादी की खबरें एकदम निजी रखीं। शादी तक इनके रिलेशनशिप की किसी को भनक तक नहीं लगी। आज 6 मार्च को कपल की शादी में कई राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं।
बचपन से रहा संगीत से लगाव
साल 1996 में जन्मीं शिवश्री एक ऐसे परिवार ताल्लुक रखती हैं, जो शास्त्रीय संगीत से गहराई से जुड़ा है। उनके पिता, सिरकाजी श्री जे स्कंदप्रसाद एक नामी मृदंगम वादक हैं। बेटी शिवश्री को भी उन्होंने बचपन से ही संगीत की बारीकियां सिखाईं। शिवश्री 'आहुति' की संस्थापक और निदेशक भी हैं। यह ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू की गई उनकी एक पहल है।