चिरंजीवी अपनी दमदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। साउथ से लेकर हिंदी पट्टी तक में उनकी जबर्दस्त फैन फॉलोइंग है। अब हाल ही में, चिरंजीवी ने दक्षिण सिनेमा के साथ किए जा रहे व्यवहार पर क्रोधित और अपमानित महसूस करने की बात कही। इसके साथ ही अभिनेता ने एसएस राजामौली की तारीफ करते हुए कहा कि कहा उन्होंने भारतीय सिनेमा को एक छत के नीचे लाया है।
Chiranjeevi: साउथ के साथ किए जा रहे व्यवहार से अपमानित महसूस करते हैं चिरंजीवी, बोले- अपनी क्षमता साबित की है
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हाल ही में, राजीव मसंद के साथ बातचीत में चिरंजीवी ने एक घटना का जिक्र किया जो तब हुई जब उन्हें गोवा में एक राष्ट्रीय स्तर के फिल्म समारोह में आमंत्रित किया गया था और उन्होंने बेहद अपमानित महसूस किया था। अभिनेता ने कहा, “मैं हाई-टी कार्यक्रम में था और मैंने दीवारों पर दिग्गज सुपरस्टारों की तस्वीरें देखीं। राज कपूर, दिलीप कुमार , पृथ्वीराज कपूर और अमिताभ बच्चन थे । दक्षिण से कन्नड़ सुपरस्टार राजकुमार और एमजीआर की तस्वीरें थीं।
अभिनेता ने आगे कहा कि मुझे बुरा लगा कि हमारे अपने एनटी रामा राव गरु और अक्किनेनी नागेश्वर राव गरु और यहां तक कि शिवाजी गणेशन सर की तस्वीरें वहां नहीं थीं।” चिरंजीवी ने कहा, यह वो लोग थे, जिन्होंने असमानता पर सवाल उठाया ,जो केवल हिंदी सिनेमा को भारतीय सिनेमा मानते थे।
उन्होंने कहा, "मैं गुस्से में था और अपमानित महसूस कर रहा था। तेलुगु सिनेमा के विकास के बारे में बात करते हुए चिरंजीवी ने कहा, “आजकल, तेलुगु सिनेमा आसमान छू रहा है, और मैं इसका श्रेय एसएस राजामौली को दूंगा उन्होंने कहा, "उन्होंने तेलुगु सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। उन्होंने सभी फिल्मों को भारतीय सिनेमा की एक छत के नीचे ला दिया है।"
चिरंजीवी ने यह भी बताया कि राजामौली के अलावा और महत्वपूर्ण फिल्म निर्माता भी थे जिन्होंने दक्षिण के बाजार को खोला। चाहे वह प्रशांत नील (केजीएफ), सुकुमार (पुष्पा), ऋषभ शेट्टी (कंतारा), एटली (जवान) और लोकेश कनगराज (विक्रम) हों, उन्होंने साबित कर दिया है कि दक्षिण की फिल्मों का कारोबार ज्यादा है।
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