दूरदर्शन पर कई पुराने कार्यक्रमों का दोबारा प्रसारण किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों की लिस्ट में एक नाम महाभारत भी है। बीआर चोपड़ा की महाभारत को आज भी पहले जैसा ही प्यार दर्शकों से मिल रहा है। बात महाभारत की करें तो शो का हर किरदार अमर हो गया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शो में अभिनेताओं की पहली पसंद वो किरदार नहीं थे जो उन्होंने निभाए थे।आपको बताते हैं कि महाभारत में कौनसे अभिनेता को कौनसा किरदार ऑफर हुआ था।
महाभारत: गोविंदा और जूही के साथ ही चंकी को ऑफर हुए थे ये किरदार, गजेंद्र ने बताए कास्टिंग के किस्से
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाभारत में अभिनेता गजेंद्र चौहान ने धर्मराज युधिष्ठिर का किरदार निभाया था। अमर उजाला के साथ बातचीत में गजेंद्र चौहान ने कार्यक्रम की कास्टिंग को लेकर राज खोले। गजेंद्र ने कहा, 'मैं 1982 में मुंबई आया था, उस वक्त में स्ट्रगल कर रहा था, वहीं बीआर चोपड़ा साहब के यहां मैं अन्य प्रोजेक्ट्स में भी काम करता रहा। उस ही वक्त एक विज्ञापन आया था कि महाभारत के कलाकारों के लिए चयन हो रहा है।'
गजेंद्र ने आगे कहा, 'तो उस विज्ञापन के माध्यम से हम सभी ने अपना अपना ऑडिशन दिया था। ऑडिशन के बाद करीब साढ़े तीन हजार लोगों का चयन हुआ था, जिनमें से बाद में चुनिंदा कलाकार चुने जाने थे। धीरे- धीरे साढ़े तीन हजार में से डेढ़ हजार, उसका बाद पांच सौ और फिर डेढ़ सौ और उसके बाद आखिर में 12 मुख्य किरदारों को चुना गया था। वहीं 7 जुलाई 1986 को महाभारत का मुहूर्त हुआ था मुंबई के स्टूडियो में।'
अपने किरदार के चयन पर गजेंद्र ने कहा, "उस वक्त मेरा चयन 'कृष्ण' की भूमिका के लिए हुआ था। क्योंकि मुझसे पहले ऋषभ शुक्ला एक किरदार थे जिन्होंने 'शांतनु' किया बाद में, वो कृष्ण की भूमिका के लिए चुने गए थे लेकिन उन्होंने ये कहकर मना कर दिया था कि वो अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म 'आज का अर्जुन' में हैं और इसके बाद अपने फिल्मी करियर को देखते हुए उन्होंने ये किरदार मना कर दिया था। इसके बाद मुझे कृष्ण का किरदार के लिए चयनित किया गया।"
गजेंद्र ने आगे ये भी बताया कि, 'महाभारत का प्रसारण रामायण से पहले होना था लेकिन किसी कारणवश ऐसा हो न पाया। उस वक्त नितीश भारद्वाज 'विदुर' के किरदार के लिए थे। लेकिन जब धीरे- धीरे रामायण चलती रही तो मुझे बलराम के किरदार के लिए कहा गया। हालांकि बलराम के किरदार के लिए मैं काफी खुश नहीं था। ऐसे में मैंने रवि चोपड़ा साहब से अपनी बात रखी तो उन्होंने बताया कि मैं उस अभिनेता से खुश नहीं हूं जो युधिष्ठिर का रोल कर रहा है। इसके बाद युधिष्ठिर के लिए मेरा गेटअप लेकर, वैसे कपड़े पहनकर, डॉ राही रजा मासूम के साथ ही बाकी अहम सदस्यों को दिखाकर फिर मेरा चयन हुआ युधिष्ठिर की भूमिका के लिए।'