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कुंडली भाग्य की एक्ट्रेस बोलीं- एक्टिंग के लिए मैंने बुर्का पहनना छोड़ा और अपना घर भी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Wed, 09 Oct 2019 06:58 PM IST
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Anjum Fakih
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एक तरफ जहां धर्म का अनुसरण करने के लिए जायरा वसीम जैसी अभिनेत्रियां फिल्मी करियर छोड़ रही हैं वहीं दूसरी ओर एक एक्ट्रेस ऐसी भी है जिसने अपने सपनों को पूरा करने के लिए बुर्का उतार फेंका और मुंबई आ गई। ये एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि कुंडली भाग्य में काम कर रहीं अंजुम फकीह हैं। अंजुम 'एक था राजा एक थी रानी', 'कुंडली भाग्य', 'तेरे शहर में' जैसे सीरियल में नजर आ चुकी हैं।
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अंजुम ने TOI को दिए इंटरव्यू में अपनी स्ट्रगल लाइफ और परिवार की रुढ़िवादी सोच के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उनके परिवार ने एक्टिंग में करियर बनाने की बात कहने पर घर छोड़ देने को कह दिया था। दरअसल अंजुम एक पारंपरिक मुस्लिम परिवार से आती हैं।
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उन्होंने बताया, 'मेरा परिवार इतना रुढ़िवादी था कि हमारे घर में टीवी देखना भी हराम माना जाता था। एक बार जब पापा घर में टीवी ले आए थे तो दादाजी इतने नाराज हुए कि उन्होंने घर आना ही छोड़ दिया। मेरे पिता चाहते थे कि मैं अच्छी पढ़ाई करूं, लेकिन मेरा एक्टिंग में जाना उन्हें पसंद नहीं आया। इसलिए मैंने बुर्का पहनना छोड़ा और बैग लेकर घर से निकल गई।
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अंजुम को मजबूरी में अपना घर छोड़ना पड़ा। अंजुम ने बताया- मैंने जब अपने परिवार से अपने पहले मॉडलिंग असाइनमेंट को लेकर बात की। तो उन्होंने मुझसे बात करनी बंद कर दी। क्योंकि ये बिकिनी शूट था। अपने करियर के शुरुआती दिनों में अंजुम ने परफ्यूम बेचने का भी काम किया।
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अंजुम ने बताया- अपने संघर्ष के दिनों में मैं ऑडिशन देने बांद्रा से अंधेरी तक पैदल जाती थी। मेरे पास पैसे नहीं होते थे लेकिन मैंने कभी अपने घर से पैसे नहीं मांगे। एक अंकल मुझे हर रोज फ्री में खाना दिया करते थे। धीरे-धीरे मेरे परिवार ने मुझे समझने की कोशिश की और अब मुझे टीवी पर देखते हैं। टीवी पर मुझे सलवार कमीज में देख शायद मेरे परिवार वाले खुश होते होंगे।
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