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Shubhangi Atre: 15-16 घंटे काम करना अब पेशागत मजबूरी, लेकिन छुट्टी पर जाएं तो मोबाइल को भी जरूर छुट्टी दें
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: रुपाली रामा जायसवाल
Updated Wed, 24 Apr 2024 06:40 PM IST
सार
छोटे परदे की बिंदास अभिनेत्री शुभांगी अत्रे अपने बिंदास विचारों के लिए भी पहचानी जाती हैं। इसी बीच अभिनेत्री ने काम और निजी जिंदगी की मस्तियों के बीच तालमेल बिठाने का अपना मंत्र साझा किया है।
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शुभांगी अत्रे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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छोटे परदे की बिंदास अभिनेत्री शुभांगी अत्रे अपने बिंदास विचारों के लिए भी पहचानी जाती हैं। इन दिनों हर पेशे में कम से कम 15 घंटे काम को वह समय की जरूरत मानती हैं लेकिन साथ में ये भी कहती हैं कि खूब काम करने के साथ ही हमें खूब आराम भी करना चाहिए। जीवन के उनके फलसफे पर हमने उनसे की चार बातें।
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शुभांगी अत्रे
- फोटो : सोशल मीडिया
शुभांगी कहती हैं, ‘मुझे लगता है कि अब गर्मी की लंबी छुट्टियों या यहां तक कि छोटी छुट्टियों के लिए भी शायद ही समय होता है। कभी-कभी लगता है कि हमारे पास सांस लेने का भी समय नहीं है। गर्मी की छुट्टियाँ अब मुझे बचपन जैसी लगती हैं। बचपन में हम सब दो महीने की गर्मी की छुट्टियां अपनी दादी के घर बिताते थे। दादी हमारे लिए स्वादिष्ट खाना बनाती थीं और हम खूब मस्ती करते थे। अब तो ये सब सपने जैसा हो गया है।’
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शुभांगी अत्रे
- फोटो : सोशल मीडिया
काम के क्षेत्र में लगातार बढ़ती प्रतियोगिता हर तरफ देखी जा रही हैं। शुभांगी कहती हैं, ‘सिर्फ अभिनेता ही नहीं सभी पेशे के लोग दबाव में काम करते हैं। गर्भवती महिलाएं भी अक्सर आठवें महीने तक काम करती रहती हैं। लेकिन, मेरा मानना है कि अपने लिए समय निकालना महत्वपूर्ण है। जीवन तो अपनी गति से आगे बढ़ता ही रहता है, लेकिन तनाव मुक्त रहने के लिए अपने साथ रहना भी जरूरी है।’
अपनी सुंदर त्वचा और अपनी फिटनेस का राज शुभांगी अपनी जीवनचर्या को देती हैं। वह कहती हैं, ‘दिन में थोड़ा समय खुद के लिए भी जरूर निकालना चाहिए। खुद को तरोताजा करने के लिए ये ब्रेक अनिवार्य है। ये ब्रेक जादुई रूप से तनावमुक्त नहीं करेगा, लेकिन यह उन कुछ दिनों के लिए मानसिक शांति जरूर प्रदान करता है जब काम के सिलसिले में हम 10-15 घंटे लगे रहते हैं।’
और, सबसे अहम बात शुभांगी अत्रे बताती हैं तकनीक से दूरी को। वह कहती हैं, ‘फोन पर उपलब्ध रहना आज की जरूरत है। लेकिन, मैं इस बात पर जोर देना चाहती हूं कि छुट्टियों में मोबाइल फोन खासकर स्मार्ट फोन को भी छुट्टी दे देनी चाहिए। जिसको आप तक वाकई पहुंचना होगा, वह तरीके निकाल ही लेगा।’
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