समाज में बढ़ते पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव से लोगों के मन में व्यक्तिवाद और एकल परिवार जैसे विचारों ने घर बना लिया है लेकिन समाज में पारिवारिक संबंधों का ताना बाना अगर देखना हो तो उसकी सबसे सही जगह है भारतीय मनोरंजन टेलीविजन। ओटीटी और विश्व सिनेमा की सुलभता के दौर में भी छोटा परदा अभी बीस साल पीछे कहीं अटका है। टेलीविजन की इस छवि को बदलने की कोशिश बताई जा रही है सोनी टीवी का नया धारावाहिक ‘मेहंदी वाला घर’।
Mehndi Wala Ghar: सोनी का दांव अब मेहंदी के इस पेड़ पर, करन मेहरा से चैनल की चमक बढ़ाने की कोशिश
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धारावाहिक ‘मेहंदी वाला घर’ का सूत्रधार है अग्रवाल सदन के घर के आंगन में लगा वह मेहंदी का पेड़ जिसने कभी इस भरे पूरे परिवार में हंसी ठिठोली, बड़ों के लिए सम्मान और छोटों के लिए अथाह प्रेम देखा है और कभी इस बड़े से परिवार को विपरीत परिस्थितियों में बिछड़ते भी देखा है। दावा ये भी है कि यह टेलीविजन का ऐसा शो है जिसमें कोई खलनायक नहीं हैं। इस शो से ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के नैतिक यानी करन मेहरा टीवी पर वापसी कर रहे हैं।
धारावाहिक ‘मेहंदी वाला घर’ के बारे में करन मेहरा कहा, “काफी उत्साह है इस शो को लेकर। एक परिवार की कहानी है, मनोज मेरा किरदार कुछ कारणों से घर से टूट जाता है लेकिन फिर कई सालों बाद उसकी वापसी होती है और आप वहीं से इस कहानी की शुरुआत होती है। इसमें आप मुझे कभी मूंछों में तो कभी बिना मूंछ के देखेंगे।” आपको बता दें कि शो में मुख्य किरदार निभा रहे अभिनेता शहजाद शेख ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में करन मेहरा के बेटे का किरदार निभा चुके हैं।
अग्रवाल सदन के मुखिया हरि जी यानी कंवरजीत पेंटल जी ने अपने किरदार के बारे में कहा, “यह कहानी उस इंसान की है जो अपनी जवानी में उज्जैन आया और दिन रात संघर्ष कर के अपना घर बनाया, अपना नाम बनाया, एक परिवार बनाया और फिर एक एक कर के सारे बच्चे घर से निकल जाते हैं और घर बिखर जाता है। फिर उस घर को जोड़ने की जद्दोजहद इस कहानी को आगे बढ़ाती है। यह रिश्तों की कहानी है।”
‘मेहंदी वाला घर’ की मौली यानी श्रुति आनंद जिनके जिम्मे इस परिवार को साथ लाने की बागडोर है, उनका कहना है, “अगर एक भी इंसान यह शो देखने के बाद दुनिया की भीड़ से निकल कर अपने घर, अपने लोगों और अपनी जड़ों तक पहुंचे, अपने माता पिता, दादा दादी, नाना नानी किसी को भी फोन लगा के कहे कि मुझे आपकी याद आ रही है, आपसे मिलना है तो हम मानेंगे कि हमारा उद्देश्य सफल हुआ।”
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