फिल्म और टीवी इंडस्ट्री से लगातार कलाकार और कर्मचारियों के बकाए का भुगतान ना होने की खबरें आ रही हैं। केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार सभी निर्माताओं को अपनी फिल्मों और टीवी धारावाहिकों की शूटिंग शुरू करने और बचे हुए पोस्ट प्रोडक्शन का काम खत्म करने की छूट दे चुकी है लेकिन सिने मजदूरों का महासंघ फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज अपने फैसले पर अभी भी अटल है कि जब तक निर्माता अपने यहां काम कर चुके कलाकारों और कर्मचारियों का भुगतान नहीं करते तब तक आगे का काम शुरू नहीं होगा।
टीवी इंडस्ट्री में 90 दिन बाद भुगतान के नियम से हजारों जीवन संकट में, कलाकारों ने फेडरेशन से लगाई गुहार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फेडरेशन के प्रमुख बीएन तिवारी ने अमर उजाला से कहा कि फिल्मों और टीवी से जुड़े बहुत से कलाकारों और कर्मचारियों की शिकायतें अब तक उनके पास पहुंची हैं। धीरे धीरे उनका निपटारा भी हो रहा है। इस फिल्म इंडस्ट्री में कोई भी ऐसा निर्माता नहीं है जो दूध का धुला हो। कुछ ही निर्माता ऐसे होते हैं जो अपने साथ काम करने वाले लोगों का दर्द समझते हैं। हम अपने इस इरादे पर कायम हैं कि शूटिंग का काम फिर से तभी शुरू होगा जब निर्माता सभी कलाकारों और कर्मचारियों के बकाए का भुगतान कर देंगे।'
तिवारी कहते हैं, 'फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे ना जाने कितने हुनरमंद कलाकार इस शहर में रहते हैं लेकिन कभी उनका भाग्य साथ नहीं देता तो कभी उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वह आगे बढ़ पाएं। ऐसे में जब उन्हें अपने ही किए काम का पैसा ना मिले तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है।' तिवारी भले नवाजुद्दीन की तारीफ करते हों लेकिन फेडरेशन से शिकायत करने वालों में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ फिल्म बोले चूड़ियां काम कर चुकीं दिल्ली की सुनीता हूडा भी शामिल हैं जिनके पैसे शूटिंग खत्म हुए महीनों बीत जाने के बाद भी नहीं मिले हैं।
आलिया भट्ट की वर्ष 2018 में आई फिल्म 'राजी' में नजर आ चुकी अभिनेत्री सीमा परी फिल्म इंडस्ट्री में काम के 90 दिन बाद होने वाले भुगतान के नियम से बहुत आहत हैं। वह कहती हैं, 'लोगों को उनके काम का पैसा 90 दिन बाद देते हुए इन लोगों को शर्म भी नहीं आती। यह नियम बिल्कुल बकवास है। नियम तो गलत है ही साथ ही इसको गलत ना कहने वाले और उनके खिलाफ आवाज ना उठाने वाले उनसे भी ज्यादा गलत हैं।' खुशी राजपूत झा कहती हैं कि कुछ प्रोडक्शन हाउस तो लॉकडाउन के चार दिन बाद ही रोने लगे थे। उन्होंने कहा, 'पहले सिर्फ 90 दिन बाद पैसा मिल जाता था लेकिन अब टेलीकास्ट के 90 दिन बाद पैसा मिलता है।' खुशी ने अपनी बातें रखते हुए टीवी निर्माता एकता कपूर को भी जमकर लपेटा। उन्होंने कहा, 'एकता कपूर इस इंडस्ट्री का बहुत बड़ा नाम है लेकिन लॉकडाउन होने के बाद किसी वर्कर को उन्होंने तनख्वाह तक नहीं दी।'
सिल्वर आइवरी प्रोडक्शंस, सनशाइन राइस प्रोडक्शंस जैसे टीवी के कई प्रोडक्शन हाउस के लिए कास्टिंग डायरेक्टर का काम करने वाले अनुराग चावला कहते हैं, 'मुझे कल ही एक प्रोडक्शन हाउस से फोन आया कि उनका बजट अब घट गया है। इतना घट गया था कि उन्हें बजट बताते हुए भी शर्म आ रही थी। जब मैंने कहा कि इतने में नहीं हो पाएगा तो फिर उनका वापस कोई जवाब नहीं आया।'