{"_id":"60518bbf8ebc3e59220c5cf5","slug":"ncpcr-directs-netflix-to-remove-certain-scenes-form-the-bombay-begums","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बॉम्बे बेगम्स: बाल आयोग ने ‘आपत्तिजनक’ दृश्यों को तुरंत हटाने के दिए निर्देश, नेटफ्लिक्स को 18 मार्च तक का समय","category":{"title":"Web Series","title_hn":"वेब सीरीज","slug":"web-series"}}
बॉम्बे बेगम्स: बाल आयोग ने ‘आपत्तिजनक’ दृश्यों को तुरंत हटाने के दिए निर्देश, नेटफ्लिक्स को 18 मार्च तक का समय
नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज बॉम्बे बेगम्स की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने नेटफ्लिक्स को बॉम्बे बेगम्स से ‘आपत्तिजनक’ दृश्य हटाने के लिए गुरुवार तक का समय दिया है। आयोग ने पहले ही इस मामले में नेटफ्लिक्स को नोटिस भेजा था।
2 of 5
बॉम्बे बेगम्स
- फोटो : फाइल
एनसीपीसीआर ने कहा कि वह अपनी बेब सीरिज की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाए क्योंकि इसमें बच्चों को गलत ढंग से दिखाया गया है। इससे पहले आयोग ने एक नोटिस जारी किया था। जिसमें उन्होंने नेटफ्लिक्स को 24 घंटे में एक विस्तृत एक्शन रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था। साथ ही कहा कि अगर वह ऐसा करने में समर्थ नहीं होते हैं तो उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए वे बाध्य होंगे।
3 of 5
बॉम्बे बेगम्स
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
आयोग के नोटिस के जवाब में नेटफ्लिक्स ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी। वेब सीरीज का निर्देशन अलंकृता श्रीवास्तव ने किया है जिसमें पांच अलग अलग महिलाओं की कहानी दिखाई गई हैं। इस सीरीज के जरिए अभिनेत्री पूजा भट्ट लंबे समय बाद नजर आईं। पूजा भट्ट के अलावा सुहाना गोस्वामी, अमृता सुभाष, प्लाबिता बोर-ठाकुर, आध्या आनंद महत्वपूर्ण ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
बॉम्बे बेगम्स
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
वहीं इस पूरे मामले में बॉलीवुड के कई फिल्ममेकर्स ने आयोग के रुख पर आपत्ति जताई है। निर्देशक हंसल मेहता ने ट्वीट किया, ‘क्या ये लोग अपना पूरा समय ओटीटी के शो को देखने में बिताते हैं या फिर बाल अधिकारों के लिए काम भी करते हैं?’ निर्देशक अनुभव सिन्हा ने मेहता के ट्वीट पर जवाब देते तंज किया, ‘वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। हम अपना काम नहीं कर रहे हैं।‘
विज्ञापन
5 of 5
बॉम्बे बेगम्स
- फोटो : फाइल
फिल्ममेकर प्रीतीश नंदी ने ट्वीट कर सवाल किया, ‘यह सब कब रुकेगा? क्या पूरी रचनात्मक स्वतंत्रता बंधक चुकी है?’ वहीं निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने एनसीपीसीआर के कदम का बचाव करते हुए कहा कि नाबालिगों को ‘ड्रग, हिंसा’ से जोड़कर दिखाना ‘अपराध’ है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।