महंत दिग्विजयनाथ एवं महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर सात दिवसीय श्रीरामकथा ज्ञानयज्ञ की शुरुआत रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। कथा शुरू होने से पूर्व मंगल वेदपाठ और शंख व घंटियों की ध्वनि के बीच श्रीनाथजी के मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में शोभायात्रा निकाली गई। उसके बाद व्यासपीठ पर अयोध्या से पधारे स्वामी श्रीराघवाचार्य वाल्मीकि रामायण के साथ विराजमान हुए। मुख्यमंत्री के स्वागत उद्बोधन के बाद उन्होंने रामकथा का शुभारंभ किया।
तस्वीरें: गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में गोरखनाथ मंदिर में निकली शोभायात्रा, श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर ढाई बजे श्रीनाथजी के मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने स्वामी श्रीराघवाचार्य और यजमानों के साथ वाल्मीकि रामायण का पूजन किया और फिर वहां रामकथा के दौरान जलने वाली अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की। शोभायात्रा में वेदपाठी बच्चे मंगलपाठ करते हुए आगे-आगे चल रहे थे। कुछ बच्चे शंख और घंटा बजा रहे थे।
कथा के यजमान जवाहर कसौधन सिर पर वाल्मीकि रामायण और प्रधान पुजारी कमलनाथ अखंड ज्योति लेकर चल रहे थे। गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में निकल रही इस शोभायात्रा में कालीबाड़ी के महंत रवींद्र दास, अयोध्या के दिगंबर अखाड़े के संत सुरेश दास भी मौजूद थे। कथा स्थल महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में पहुंचकर यात्रा संपंन हुई। यहीं गोरक्षपीठाधीश्वर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पहले श्रीरामचरितमानस व अखंड ज्योति को और फिर व्यासपीठ पर स्वामी श्रीराघवाचार्य को स्थापित किया।
कोरोना से मुक्ति दिलाएगी रामकथा : सुरेश दास
अयोध्या के दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने पुण्यतिथि समारोह से पहले राम मंदिर निर्माण का शुरू होना अत्यंत सुखकारी बताया। कहा कि यही महंतद्वय का लक्ष्य भी था। कोरोना काल में रामकथा की उपयोगिता पर उन्होंने चर्चा की। कहा कि दिव्य कथा का श्रवण कोरोना से मुक्ति दिलाएगा।
ब्रह्मांड के नायक हैं राम: राघवाचार्य
कथा व्यास श्रीराघवाचार्य ने कहा कि सड़क से लेकर संसद तक राममंदिर आंदोलन को चेतना प्रदान करने वाले महंतद्वय की पुण्यतिथि पर रामकथा सुनाने का सौभाग्य हर्षित करने वाला है। श्रीराम का चरित्र मंगलमय है और उनकी कथा का श्रवण मंगलकारी।