गोरखपुर में भारी विरोध के बीच मुंशी प्रेमचंद स्थित हजरत मुबारक खां शहीद के सामने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर मंगलवार को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) का बुलडोजर चला। मौके से करीब दर्जन भर अस्थायी दुकानें, रेलिंग और चबूतरा आदि तोड़ 35 डिसिमिल से अधिक कीमती जमीन खाली कराई गई। कब्जे को हटाने के लिए प्राधिकरण और प्रशासन ने पहले भी कई बार प्रयास किया था, मगर विरोध के चलते खाली हाथ लौटना पड़ा था। वर्तमान में इस जमीन की कीमत करोड़ों में है।
गोरखपुर में चला जीडीए का बुलडोजर, भारी विरोध के बीच हटाया गया अवैध कब्जा, तस्वीरें
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डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम सुबह 11.30 बजे बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। जैसे ही बुलडोजर स्टार्ट हुआ, कब्जा करने वाले और आस-पास के कई लोगों ने टीम को घेर लिया। तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
टीम को और पुलिस बल बुलाना पड़ा। थोड़ी ही देर में सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव फिर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन और पुलिस ने सख्ती दिखाई तो विरोध करने वाले शांत हुए, जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई, जो दोपहर बाद तीन बजे तक चली।
अधिकारियों ने चेताया है कि यदि किसी ने वहां दोबारा कब्जा करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पुलिस और जीडीए के अभियंताओं को वहां नजर रखने का निर्देश दिए हैं। इस दौरान एक्सईएन दिवाकर सिंह, सहायक अभियंता एसपी अरविंद समेत कई अभियंता व जीडीए कर्मचारी मौजूद रहे।
राजस्व अभिलेखों में जमीन बंजर दर्ज
कब्जा हटाने की कार्रवाई जैसे ही शुरू हुई, मुतवल्ली समेत कई लोगों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए जमीन को दरगाह का बताया और काम रोकवा दिया। इसपर जीडीए की टीम ने प्रशासन को सूचना दी। थोड़ी ही देर में मौके पर पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने आपत्ति करने वालों के दस्तावेज मंगाकर देखे और उन्हें बताया कि जमीन, राजस्व अभिलेखों में बंजर भूमि के तौर पर दर्ज है। इसके बाद पुलिस की मदद से आगे की कार्रवाई शुरू हुई।