उत्तर प्रदेश में कोराना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक और जनवरी-फरवरी में कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी के बाद जहां स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है, वहीं जनता और लापरवाह नजर आ रही है। गोरखपुर जिले में लोगों की लापरवाही विशेषज्ञों को चिंता में डाले हुए है। ओमिक्रॉन की खतरनाक स्थिति को जानते हुए भी लोग संक्रमण से बचाव के लिए बरती जा रही सावधानियों के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं। यहां दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी जैसे नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं। सड़कों, बाजारों, दुकानों, अस्पतालों, मॉल, सब्जी मंडी, ऑटो, बाइक, बसों और कार्यक्रमों तक में लोग बेपरवाह दिख रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखिए कि लोग किस तरह बीमारी को दावत देते हुए नजर आ रहे हैं।
ओमिक्रॉन: मौत को दावत देकर घर से बाहर निकल रहे हैं लोग, कहीं भारी न पड़ जाए ये लापरवाही
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ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच लोग एकदम लापरवाह हो गए हैं। जिन लोगों के घरों में लोग दूसरी लहर में बीमार हुए हैं वे भी बिना मास्क बाजारों में घूम रहे हैं। इसका सीधा अर्थ है कि लोग संक्रमण को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में तीसरी लहर से इनकार नहीं किया जा सकता है।
ओमिक्रॉन के खतरे के बीच भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो बचाव के उपायों मसलन मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग की उपेक्षा करके खुद के साथ ही अपने परिवार और समाज के दूसरे लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं। संक्रमण से बचाव के सभी उपायों की अनदेखी करने वाले अस्पताल, बाजार, सड़कों पर और कई दफ्तरों में कभी भी देखे जा सकते हैं। यह लापरवाही भी तब है, जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार लोगों को जागरुक किया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान भूले कोरोना प्रोटोकाल
गोरखपुर विश्वविद्यालय के एनसी हॉस्टल में मेस बंद होने पर भूखे छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान धरना दे रहे किसी भी छात्र ने मास्क नहीं लगा रखा था। ऐसे में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
कोरोना प्रोटोकाल का रखें ध्यान
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि लोग बेवजह न घूमें। मास्क जरूर लगाएं। दो गज की दूरी का पालन करें और सेनेटाइजेशन का ख्याल रखें। अगर बहुत जरूरी हो तो ही निकलें। सामान लेने के लिए डिजिटल को बढ़ावा दें। इससे काफी हद तक बचा जा सकता है।