इन दिनों नेपाल के मधेशी जिलों में आंदोलन की आग सुलग रही है। नेपाल की राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन शुरू कर दिया है। बीते कई दिनों से हर रोज मधेशी बाहुल क्षेत्रों में प्रदर्शन एवं पुतला फूंकने का क्रम जारी है। विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री केपी ओली की तीखी आलोचना की।
नेपाल में सुलग रही आंदोलन की आग, पीएम ओली के खिलाफ उठ रही आवाज, तस्वीरें
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भारत नेपाल सीमा से सटे नेपाल के तराई क्षेत्र के सभी 22 मधेशी जिले नेपाल में संसद विधटन संसद सभा भंग होने के बाद आंदोलन की राह पर हैं। ओली समर्थित नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी चुनाव की तैयारी कर रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रचंड समर्थित नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी माओवाद अन्य राजनीतिक पार्टियों के साथ नेपाल में सरकार बनाने के लिए प्रयासरत है।
बीते 21 दिसंबर को प्रधानमंत्री केपी ओली ने संसद भंग करते हुए आगामी चुनाव में जाने का फैसला किया। इसके बाद से ही नेपाल जनता पार्टी राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी नेपाल छात्र संघ सहित कई राजनीतिक पार्टियां सड़कों पर उतर गई हैं।
रूपनदेही जिले के जनता समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि केपी ओली के असंवैधानिक फैसले के खिलाफ नेपाल की जनता सड़क पर उतर चुकी है। प्रधानमंत्री को सत्ता का मोह छोड़ ही नहीं रहा है। आंदोलन को 27 राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला है। जब तक यह फैसला वापस नहीं होगा, तब तक प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।
इन क्षेत्रों में हो रहा आंदोलन
नेपाल में तराई के रूपनदेही, नवलपरासी, कपिलवस्तु, दांग, नारायन घाट, भरतपुर, चितवन, पोखरा, काठमांडू घाटी, वीरगंज, जनकपुर, सर्लाही, बिराटनगर, सहित मधेश के सभी 22 जिलों में प्रधानमंत्री केपी ओली का पुतला फूंकने के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है।