हरियाणा के करनाल में विवाह के दौरान वैज्ञानिक दूल्हे ने जब फॉरचूनर गाड़ी व 20 लाख रुपये दहेज के रूप में मांगे तो उच्च शिक्षा विभाग ने लीगल सहायक पद पर तैनात दुल्हन ने कड़ा फैसला लेते हुए शादी करने से इनकार कर दिया। परिणाम यह हुआ कि न तो वरमाला हुई और न ही सात फेरे। दुल्हन ने अपने पिता के साथ सिविल लाइन थाने जाकर दूल्हा, उसके पिता व भाई के खिलाफ दहेज उत्पीड़न अधिनियम आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया है। यह हाई प्रोफाइल मामला मंगलवार को दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। कन्या पक्ष उत्तर प्रदेश के बागपत का है। दूल्हा पक्ष विजय नगर जींद का निवासी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी पक्ष की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन जांच के दौरान देर शाम तक दूल्हा और वर पक्ष के लोग थाने में ही थे। इधर, दूल्हा व उसके परिजनों का कहना है कि कन्या पक्ष के आरपोप निराधार है, उसके पास पर्याप्त साक्ष्य है कि उन्होंने कोई दहेज नहीं मांगा है।
वरमाला से पहले टूटी शादी: वैज्ञानिक दूल्हे ने दहेज में मांगे बीस लाख और फॉरचूनर कार, दुल्हन ने किया शादी से इनकार
वरमाला से चंद मिनट पहले बिगड़ी बात, दूल्हा सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज
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बागपत जिले के जोड़ी गांव निवासी किसान जोगेंद्र सिंह की बेटी कोमल की शादी जींद विजय नगर निवासी करतार सिंह के पुत्र नसीब सिंह जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीआर) मेघालय में वैज्ञानिक है से तय की थी। सभी रीति रिवाज संपन्न हुए। सोमवार की शाम को नसीब सिंह की बरात करनाल के गोल्डन मूमेंट मैरिज हाल पहुंची। कन्या पक्ष पहले ही यहां पहुंच चुका था, उसने भी बारातियों का स्वागत किया। सभी कुछ ठीकठाक चल रहा था। जब दूल्हे के मंडप में प्रवेश के दौरान साली ने रास्ता रोका तो शगुन के लिए रुपये देने पर कुछ मन मुटाव हो गया। कन्या के पिता जोगेंद्र सिंह ने बताया कि वरमाला से पहले ही दूल्हा नसीब सिंह ने दी गई सोने की चेन व अंगूठी उतार कर वापस दे दी और कहा कि फॉरचूनर गाड़ी व 20 लाख रुपये तो दिए ही नहीं, इनका क्या करना है। मांग पूरी नहीं होने से समाज में उसकी काफी बदनामी हुई है।
कोमल व उसके पिता जोगेंद्र सिंह थाने पहुंचे थे, उनकी शिकायत पर नसीब सिंह, उसके पिता व भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों से अलग अलग बात की गई है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई, क्योंकि अभी मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचा जा सकेगा। -अभिलक्ष्य जोशी, डीएसपी करनाल।
मैं किसान परिवार से हूं, चीनी मिल ने अभी गन्ने का भुगतान नहीं दिया है। रात को जब फॉरचूनर व 20 लाख रुपये लाकर देने पर वर पक्ष के लोग अड़े तो आखिर कैसे मांग पूरी करता। यह तो मेरा गृह शहर भी नहीं है। काफी मिन्नतें की लेकिन लड़के वाले शादी के लिए तैयार ही नहीं हुए। बाद में लड़की को भी लगा कि बात बिगड़ गई है, अब शादी के बाद पता नहीं क्या होगा। -जोगेंद्र सिंह, दुल्हन कोमल के पिता
मैं पढ़ी लिखी लड़की हूं, जब तत्काल गाड़ी व बड़ी रकम मांगने लगे तो कैसे दिया जा सकता था। मैं दहेज के खिलाफ हूं, लड़के वालों ने सामान का कैश मांगा था। लड़के वाले कह रहे हैं कि मैं शादी के लिए तैयार थी, यह गलत है, मैं शादी के लिए ब्लिकुल भी तैयार नहीं हूं। -कोमल, दुल्हन

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