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नागरिकता कानून: दिल्ली से लेकर केरल तक बवाल, 10 बयानों से समझें सियासी रुख

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Mon, 23 Dec 2019 04:26 AM IST
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CAA : ruckus From Delhi to Kerala understand the attitude of political leaders in 10 statements
नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के बाद अब इसके समर्थन में भी आंदोलन तेज होने लगा है। रविवार को दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक लोगों ने जहां कानून को लेकर विरोध जारी रखा, तो वहीं एक वर्ग ने इसके समर्थन में रैलियां निकालीं। बंगलूरू में समर्थन रैली से लौट रहे एक व्यक्ति पर कुछ लोगों ने धारदार हथियार से हमला तक कर दिया। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान तक तमाम राजनीतिक दलों की ओर से भी बयान सामने आए हैं। आइए जानते हैं इन बयानों में नागरिकता कानून को लेकर किसने क्या कुछ कहा...



नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वालों के हाथ में जब ईंट-पत्थर देखता हूं तो मुझे तकलीफ होती है। जब उनके हाथ में हिंसा के साधन देखता हूं तो भी मुझे तकलीफ होती है। परंतु जब उन्हीं में से कुछ के हाथ में तिरंगा देखता हूं, तो सुकून भी होता है। ये मोदी देश के लिए जिएगा, देश के लिए जूझता रहेगा। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

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राजीव शुक्ला - फोटो : अमर उजाला

भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए समाज को बांट रही
नया कानून भेदभावपूर्ण और संविधान की आत्मा के खिलाफ है। भाजपा सरकार की बांटने वाली और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे देश में विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम और अन्य अग्रणी शिक्षण संस्थानों में स्वत: विरोध की लहर है। - राजीव शुक्ला, वरिष्ठ कांग्रेस नेता

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प्रताप सिंह बाजवा - फोटो : AmarUjala

अहमदिया मुस्लिमों को भी नागरिकता कानून में दें जगह
भारत ने हमेशा अल्पसंख्यकों की रक्षा की है। राष्ट्रपति जी, मैं आपसे यह बात सरकार के संज्ञान में लाने का आग्रह करता हूं। यह महात्मा गांधी का 150वीं जयंती वर्ष है। सरकार को अहमदिया मुस्लिमों के लिए मानवीय आधार पर कदम उठाना चाहिए, जो पाकिस्तान से उत्पीड़न के कारण भागे हैं। वहां की सरकार 1974 और 1984 में संविधान संशोधन के जरिये अहमदिया को मुस्लिम समुदाय कर चुकी है। मुझे आशा है कि सरकार नागरिकता संशोधन अधिनियम के दायरे का विस्तार कर अहमदिया मुस्लिमों को भी इसमें जगह देगी। - प्रताप सिंह बाजवा, कांग्रेस सांसद ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखे पत्र में कहा

CAA : ruckus From Delhi to Kerala understand the attitude of political leaders in 10 statements
प्रशांत किशोर(फाइल फोटो) - फोटो : Social Media

दो रास्ते हैं नया कानून लागू करने से रोकने को
देश में नया कानून और एनआरसी लागू होने से रोकने के दो प्रभावी तरीके हैं। पहला, सभी प्लेटफार्म पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहिए और दूसरा, यह सुनिश्चित कीजिए कि सभी नहीं तो 16 गैर भाजपाई मुख्यमंत्रियों में से अधिकतर अपने राज्य में एनआरसी के लिए इनकार कर दें। - प्रशांत किशोर, जदयू उपाध्यक्ष

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सिद्दीकुल्लाह चौधरी - फोटो : ANI

शाह को कोलकाता एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने देंगे
यदि नया कानून तत्काल वापस नहीं लिया गया तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जब भी कोलकाता आएंगे, हम उन्हें एयरपोर्ट से बाहर कदम नहीं रखने देंगे। हम उन्हें रोकने के लिए एक लाख लोग जमा करेंगे। यह कानून मानवता और देश में सदियों से रह रहे नागरिकों के खिलाफ है। - सिद्दीकुल्लाह चौधरी, पश्चिम बंगाल के मंत्री व जमीयत-उलमा-ए-हिंद के प्रदेश अध्यक्ष

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