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नौ साल पहले धमाकों से दहले जयपुर में ऐसे नजारे देख सिहर उठे थे लोग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 13 May 2017 01:17 PM IST
बम ब्लास्ट के बाद का नजारा
- फोटो : फाइल फोटो
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नौ साल पहले 13 मई को जयपुर में आठ बम धमाके हुए। एक के बाद हुए धमाकों ने जयपुर को लहूलुहान कर दिया। सांगानेरी गेट से लेकर चांदपोल गेट तक, अलग-अलग जगहों पर बम रखे गए। बम फटे तो सड़कों पर खून बह गया। घायलों की चीख पुकार और लोगों को लाशें नजर आने लगी। आम आदमी से लेकर सरकार तक सभी सकते में आ गए। इतनी भयावह घटना जो शहर के इतिहास में पहली बार घटी। उसका दर्द अब भी शहर वासियों को सालता है। खास तौर पर उन लोगों को जिन्होंने इस हादसे में किसी अपने को खोया है।
इन जगहों पर हुए थे धमाके
त्रिपोलिया में ब्लास्ट के बाद
- फोटो : फाइल फोटो
कोतवाली थाना के पास, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार खंदा, चांदपोल हनुमान मंदिर, माणक चौक थाने के पास, त्रिपोलिया बाजार का चूड़ी वाला खंदा, जौहरी बाजार में पितलियों का रास्ता मोड़ और सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर पर बम धमाके हुए।
गाड़ियां कबाड़ हो गई
बदल गए सब नजारे
- फोटो : फाइल फोटो
जहां जहां ब्लास्ट हुए वहां के नजारे देखते ही देखते बदल गए। जिंदा लोग लहूलूहान हो गए तो कई लाशों में बदल गए। गाड़ियां कबाड़ हो गई। भागदौड़ की स्थिति पैदा हो गई। पूरा शहर ही स्तब्ध हो गया।
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प्रशासन के साथ लोग भी आए आगे
लोगों ने यूं की मदद
- फोटो : फाइल फोटो
कुछ ही मिनटों में हुए इन धमाकों ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। एकाएक पुलिस का गाड़ियां बाजारों में भागती नजर आई। एंबुलेंस ने चक्कर लगाने शुरू किया। लोगों ने भी हाथ बढ़ाए। घटना स्थल से लोगों को उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
अचानक लग गई घायलों की भीड़
अस्पताल में पहुंचने लगी लाशें
- फोटो : फाइल फोटो
जहां बम धमाके हुए वहां से घायलों व मृतकों का अस्पताल पहुंचना शुरू हुआ। देखते ही देखते अस्पताल में घायलों की भीड़ लग गई और मृतकों की संख्या भी बढ़ने लगी। अस्पताल में मौजूदा इंतजाम भी धरे रह गए। जगह नहीं मिली तो फर्श पर ही रख दिया गया।