कश्मीर के माहौल में अनुच्छेद 370 हटने के चार साल में जबरदस्त बदलाव आया है। अब लोग बेखौफ सड़कों पर देर रात तक घूम रहे हैं। कभी अलगाववादियों के गढ़ रहे शहर के हृदय स्थल लाल चौक पर शाम ढलते ही सन्नाटा पसरना शुरू हो जाता था, लेकिन अब वहां देर रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम हटाने के लिए पुलिसकर्मियों को लगाना पड़ रहा है।
श्रीनगर: लाल चौक पर कभी शाम ढलते पसर जाता था सन्नाटा, अब जाम हटाने के लिए लगाने पड़ रहे पुलिसकर्मी
केवल सैलानी ही नहीं, बल्कि कश्मीरी भी पूरे परिवार के साथ पेरिस की तर्ज पर रोशन ऐतिहासिक घंटा घर की तस्वीरें खींच रहे हैं। सेल्फी लेने की तो होड़ लगी रही है।
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जीर्णोद्धार के बाद घंटा घर के उद्घाटन वाली उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नाम वाली पट्टिका के साथ भी फोटो खिंचाने का आकर्षण दिखा। अब भी पट्टिका पर पर्दे सुरक्षित हैं। उत्तर प्रदेश के इटावा के किशोर कुमार ने कहा कि यह फोटो यादगार पल की हमेशा याद दिलाएगा। उपराज्यपाल उत्तर प्रदेश के हैं, इस वजह से उनके नाम की पट्टिका के साथ फोटो खिंचवा रहा हूं ताकि उसे अपने यहां जाकर लोगों को दिखा सकूं। यह हमारे प्रदेश के लिए गौरव की बात होगी।
घंटा घर पर परिवार के साथ फोटों खिंचवा रहे श्रीनगर के एजाज मीर ने कहा कि लोगों से सुना था कि घंटा घर की तस्वीर बदल गई है। यहां आकर यह हकीकत लगा। बदली हुई तस्वीर देखकर यह लग ही नहीं रहा कि श्रीनगर में हम हैं। हमें विदेश में होने का अहसास हो रहा है। ऐसा पहले कभी नहीं देखा था श्रीनगर।
राजस्थान की हिमानी राज ने बताया कि वह यहां तीसरी बार आई हैं। पहले भी घंटा घर आई थीं, लेकिन इतनी रौनक कभी नहीं रही। हमेशा सुरक्षा बलों का पहरा ही देखा है। अब यहां न तो सुरक्षा बल के जवान दिख रहे हैं और न ही लोगों के मन में किसी प्रकार का भय का माहौल दिख रहा है। सब कुछ सामान्य रूप से अन्य शहरों की तरह यहां की गतिविधियां चल रही हैं।
बदलाव का दूसरा पहलू: लाल चौक व आसपास की दुकानों में खरीदार बढ़े
यह बदलाव का एक पहलू है। दूसरा पहलू यह है कि प्रताप पार्क से लेकर लाल चौक तथा आसपास के इलाके के दुकानों में खरीदार बढ़ गए हैं। पटरी वालों से लेकर दुकानों तक में सैलानियों की भीड़ खरीदारी के लिए लगी पड़ी है। प्रताप पार्क के पास पटरी पर मोबाइल फोन के कवर व टेंपर बेचने वाले शाहिद का कहना है कि इधर उनकी बिक्री बढ़ी है।
यहां घूमने आ रहे लोग जिज्ञासा वश सामानों के बारे में जानकारी हासिल करते हैं और खरीदारी करते हैं। उनके अनुसार माहौल में जो बदलाव आया है वह दुकानदारों के लिए खुशहाली भी लेकर आएगा।
इसी प्रकार कश्मीरी शॉल, फिरन तथा गर्म कपड़े का दुकान कर रहे शोएब ने कहा कि हालांकि, यह समय तो गर्म कपड़ों की बिक्री का नहीं है, लेकिन यहां आने वाले सैलानी इसके प्रति आकर्षित होकर खरीदारी कर रहे हैं। वे कहते हैं कि सैलानियों की आवक बढ़ने से बाजारों में देर शाम तक रौनक बनी रहती है।
विकास के नाम पर सड़क की खुदाई अब भी पैबंद के रूप में
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत घंटाघर का कायाकल्प किया गया है। वहां टाइल्स बिछाकर, लाइटिंग कर चमका दिया गया है। जेकेटीडीसी की बिल्डिंग को भी रोशनी से नहला दिया गया है। सड़क किनारे फूल पत्तियां भी लगा दी गई हैं। लेकिन विकास के नाम पर की गई सड़क की खोदाई अब भी पैबंद के रूप में है। सड़क किनारे पड़ी बजरी लोगों को दर्द दे रही है। यदि इसे बना दिया जाए तो लोगों को सहूलियत रहेगी, साथ ही ट्रैफिक भी सुचारु हो सकेगा।