जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बुधवार को हुआ आतंकी हमला जम्मू के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। पहले के हमलों और इस ताजा हमले में एक बहुत बड़ा फर्क है। वह यह कि इस बार आतंकी कश्मीर से नहीं आए, बल्कि जम्मू से कश्मीर की ओर जा रहे थे। उनका टारगेट क्या था, यह तो फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन परिस्थितियों से आतंकियों के इरादे खतरनाक माने जा रहे हैं। जम्मू में आतंकियों की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। माना जा रहा है कि जम्मू व आस-पास के इलाकों में आतंकियों के पनाहगार मौजूद हैं।
जम्मू के लिए खतरे की बड़ी घंटी, आतंकियों के पनाहगारों के मौजूद होने का शक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
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जिस ट्रक में आतंकी सवार होकर झज्जर कोटली तक पहुंचे थे उसमें वाल पुट्टी लदा हुआ था। सूत्रों ने बताया कि ट्रक में आतंकियों ने अपने छिपने का इंतजाम भी कर रखा था। यानी ट्रक के अगले और पिछले हिस्से में पुट्टी के बोरे लदे थे। बीच में स्थान खाली रखा गया था। मौके से एके 47 राइफल व मैगजीन के साथ ही तीन रेनकोट भी बरामद हुए हैं। रेनकोट के गीले होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आतंकियों ने ट्रक में सवार होने से पहले कोई नदी या नाले को पार किया होगा। यह भी आशंका है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा या फिर एलओसी पर नौशेरा की ओर से घुसपैठ किया होगा। सुरक्षा एजेंसियां सारे बिंदुओं को केंद्र बिंदु में रखकर जांच कर रही हैं।
इस बात की भी जांच की जा रही है कि आतंकियों ने कहीं पहले से ही यहां पनाह तो नहीं ले रखा था। शहर के बाहरी इलाकों नरवाल, भठिंडी तथा रोहिंग्याओं की बस्ती में भी संभावित ठिकाने का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। सुंजवां सैन्य कैंप पर हुए हमले में भी यह बात सामने आई थी कि आतंकियों को आस-पास के इलाके में रहने वाले रोहिंग्याओं ने पनाह दी होगी। इसके बाद विधानसभा से लेकर सड़क तक काफी हो हंगामा मचा था। रोहिंग्याओं को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए उन्हें बाहर निकालने की मांग को लेकर आंदोलन भी हुए थे।
नगरोटा हमले में भी आतंकी रुके थे जम्मू के होटल में
नगरोटा सैन्य कैंप पर हुए हमले में भी आतंकी जम्मू के एक होटल में रुके थे। इसका खुलासा एनआईए की ओर से कश्मीर से पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद हुआ था। पूछताछ में यह पता चला था कि कश्मीर से आने के बाद आतंकी गुम्मट इलाके के एक होटल में रात के वक्त रुके थे। इसके बाद सुबह उन्होंने कैंप पर पहुंचकर हमला किया था।
किश्तवाड़ से हिज्ब आतंकी हुआ था गिरफ्तार
आतंकी संगठन जम्मू संभाग के आतंक से ग्रस्त रह चुके जिलों डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजोरी व पुंछ में दोबारा आतंकवाद को जीवित करने की साजिश रच रहे हैं। किश्तवाड़ से हिज्ब आतंकी एय्याज अहमद वानी को रविवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह डोडा जिले के बेली का रहने वाला है। इससे पहले तीन सितंबर को डोडा के फुरकान आबाद मोहल्ला निवासी एमबीए पास हारून अब्बास वानी ने हिजबुल का दामन थामा था। एक दशक तक इस इलाके में आतंकवाद चरम पर था। इसके बाद इसे आतंकवाद मुक्त घोषित करने में सफलता मिली थी।कारण सैन्य कर्मी फायरिंग की ट्रेनिंग कर रहे हैं।