जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में सुरक्षाबलों ने अद्भुत पराक्रम का परिचय दिया है। तीन आतंकियों को मार गिराने में सफलता पाई है। लेकिन यह ऑपरेशन कई चुनौतियों के साथ ही काफी जिम्मेदारी भरा था। इसकी वजह ये थी कि मुठभेड़ के दौरान आतंकी एक मस्जिद में जा घुसे थे। इसी के साथ सुरक्षाबलों के सामने दो चुनौतियां उत्पन्न हो गई थीं।
एक तरफ मस्जिद की पवित्रता तो दूसरी ओर आतंकियों को मारने की चुनौती, फिर दिखा जवानों का अद्भुत पराक्रम
पहली और सबसे अहम चुनौती थी कि मस्जिद की गरिमा और लोगों की भावनाओं को कोई ठेस न पहुंचे। तो दूसरी ओर आतंकियों को मार गिराना भी एक चुनौती था। इसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने आतंकियों के सफाए के लिए ऐसी रणनीति बनाई कि मस्जिद के इमाम भी उनके मुरीद हो गए।
मुठभेड़ खत्म होने के बाद जामिया मस्जिद मीज के इमाम ने सुरक्षाबलों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान हर हाल में यह सुनिश्चित किया कि मस्जिद की पवित्रता बनाए रखी जाए।
बता दें कि अवंतीपोरा में सुरक्षाबलों ने 32 घंटे में तीन आतंकियों को मार गिराया है। बुधवार देर रात शुरू हुई मुठभेड़ में एक आतंकी कुछ ही घंटों में मार गिराया गया था। इसके बाद आतंकी गोलाबारी की आड़ में मस्जिद में घुस गए। इस दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों से समर्पण करने की बात कही। बावजूद इसके वह गोलियां बरसाते रहे। वहीं अंधेरा होने की वजह से ऑपरेशन को रोका गया।
शुक्रवार सुबह एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हुई। इस दौरान भी सुरक्षाबलों ने आतंकियों से समर्पण करने की बात कही। लेकिन आतंकियों ने सुरक्षाबलों की बात को अनसुना किया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और आतंकियों को मार गिराने में सफलता पाई। इस दौरान सुरक्षाबलों ने मस्जिद की गरिमा को बनाए रखा। ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों।
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