उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रदेश में सतत विकास और जम्मू को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। जम्मू-कश्मीर में शहरी विकास के नवयुग की शुरुआत हुई है। इसके तहत विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। वे गुरुवार को जम्मू में बस स्टैंड और कामर्शियल कांप्लेक्स का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू में नागरिक सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शहर में आईटी आधारित स्मार्ट पार्क़िग व्यवस्था शुरू की जाएगी। इससे शहर के 33 प्रमुख रूट पर वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और जाम से छुटकारा मिल सकेगा। पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों को भी राहत मिलेगी।
जम्मू-कश्मीर में शहरी विकास के नवयुग की शुरुआत, विश्वस्तरीय मिलेंगी नागरिक सुविधाएंः उपराज्यपाल
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कहा कि जम्मू में इस तरह की और पार्किंग सुविधा जल्द ही मुहैया होगी। पंजतीर्थी में पार्किंग का काम अगले साल मार्च तक पूरा हो जाएगा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हो या रेन वाटर हार्वेस्टिंग सभी दिशा में काम चल रहा है। कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू कारोबार के हब के रूप में विकसित हुआ है। आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। इस वजह से यहां पार्किंग और सड़क की सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है।
कहा कि मुबारक मंडी से तवी रिवर फ्रंट, मोती बाजार रोड, रघुनाथ बाजार, अप्सरा रोड, गोल मार्केट, कैनाल रोड, त्रिकुटा नगर, डोगरा चौक, केसी चौक आदि के कायाकल्प की योजना तैयार की गई है। केवल योजना ही तैयार नहीं हुई है बल्कि इस पर काम भी शुरू हो गया है। पूरे जम्मू शहर का पुुनरुद्धार होगा। देश की आजादी के 75वें साल पर जम्मू के मुबारक मंडी और कश्मीर के शेरगढ़ी के संरक्षण का काम पूरा हो जाएगा। मेट्रो रेल भी जम्मू में जल्द शुरू होगी। वर्षों से लंबित तवी रिवर फ्रंट के काम को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साबरमती रिवर फ्रंट के काम के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए अधिकारियों के एक दल ने अहमदाबाद का दौरा किया है।
उपराज्यपाल ने कहा कि पहली बार जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक विकास योजना की घोषणा की गई है। इससे बाहरी निवेश के द्वार खुले हैं और विकास का रास्ता खुला है। ऊर्जा, हरित क्षेत्र, शहरी नियोजन, बायो डायवर्सिटी और पानी व कचरा प्रबंधन के काम तेज गति से होंगे। आने वाले दिनों में शहर का कायाकल्प होगा और लोगों के अंदर यह प्रबल भावना विकसित होगी कि यह मेरा शहर है।
213 करोड़ की लागत से टर्मिनल बस स्टैंड के शुभारंभ से बीसी रोड पर जाम का झाम खत्म होगा। इसमें एक साथ 80 बसें खड़ी की जा सकेंगी। पहले बस स्टैंड छोटा होने के कारण 10 से 15 बसें ही पार्क हो पाती थीं। 1312 कारों के साथ ही 177 दोपहिया वाहन भी खड़े किए जा सकेंगे। कार पार्किंग के कारण बीसी रोड, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, जीएमसी, रघुनाथ मंदिर, पीरखो और पंचवक्त्र मंदिर को जाने वाले वाहन यहां पर पार्क हो सकेंगे। यहां 239 दुकानें, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। पुराने बस स्टैंड में बाहर से आने वाली बसें खड़ी की जाएंगी। ज्ञात हो कि प्रोजेक्ट पर काम 18 अक्तूबर, 2016 में शुरू हुआ था।