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श्रीनगर से पांपोर तक हाईवे बना डेथ रूट, हुए पांच साल में 10 आतंकी हमले, इस मास्टरमाइंड की तलाश
Sun, 17 Feb 2019 01:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 17 Feb 2019 01:23 AM IST
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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर से पांपोर के बीच के नेशनल हाईवे को सबसे अधिक खतरनाक करार दिया है। इसी रूट पर पिछले कुछ सालों में सबसे अधिक आतंकी हमले हुए हैं। आतंकी बार-बार इसी रूट पर सुरक्षाबलों के काफिलों को निशाना बनाते रहे हैं। यह सब जानते हुए भी सीआरपीएफ के काफिले पर हमला हुआ है। यह सुरक्षा में कहीं न कहीं बड़ी चूक जरूर है।
हमले के बाद मोर्चा लेते जवान
- फोटो : अमर उजाला
अनंतनाग से श्रीनगर तक करीब 50 किलोमीटर की दूरी है। श्रीनगर से पांपोर की दूरी 20 किलोमीटर की है। आतंकियों ने हाईवे पर जब भी हमला किया है, इसी रूट पर किया है। सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ के काफिलों पर हमला किया गया। वर्ष 2017 में अमरनाथ यात्रा की गाड़ियों को भी अनंतनाग रूट पर निशाना बनाया गया। 2017 में ही सेना के काफिले पर आतंकियों ने हमला किया। अकसर इसी रूट पर आतंकी या तो ग्रेनेड फेंकते हैं या फिर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हैं। इस रूट पर सुरक्षा को मजबूत नहीं किया जा रहा।
jammu srinagar highway attack
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा बलों को पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड राशिद गाजी और कामरान की तलाश है। माना जाता है कि गाजी ने ही आदिल डार को विस्फोटक लगाने और विस्फोट करने का प्रशिक्षण दिया था। अफगान में मुजाहिद्दीन रहा गाजी आईईडी एक्सपर्ट माना जाता है। खुफिया एजेंसियों की मानें तो 11 फरवरी को पुलवामा के रत्नीपुरा गांव में सेना के साथ मुठभेड़ में राशिद गाजी भाग निकला था। इस मुठभेड़ में एक स्थानीय आतंकी मारा गया था, जबकि तीन आतंकी भाग गए थे।
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आतंकी हमले के बाद की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
इलाके को खंगालने के लिए सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने पुराने हमलों को ध्यान में रखा है। इन हमलों को मैप पर डाला गया तो पता चला कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे के 20 से 25 किमी दायरे में 2014 से 2018 के बीच 10 आतंकी हमले हुए। एनआईए तार जोड़ने के लिए इन सभी हमलों की जांच कर रही है। वर्ष 2016 में फरवरी और जून में लेथपोरा से 7 किमी दूर पंपोर में आतंकियों ने सीआरपीएफ काफिले पर हमला किया था। हमले में तब आठ जवान शहीद और 22 जवान जख्मी हो गए थे।
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Crpf
- फोटो : PTI
इंटरनेट कॉल डिटेल खंगाली जा रही
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियां पुलवामा हमले से दो दिन पहले के घाटी के सभी टेलीग्राम मैसेज, इंटरनेट कॉल डिटेल खंगाल रही है। एनआईए जैश-ए-मोहम्मद के टेलीग्राम चैनल अंसार-ए-जैश के सभी वीडियो और ऑडियो संदेश की भी डिटेल निकालकर संदेशों को पढ़ने की कोशिश कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियां पुलवामा हमले से दो दिन पहले के घाटी के सभी टेलीग्राम मैसेज, इंटरनेट कॉल डिटेल खंगाल रही है। एनआईए जैश-ए-मोहम्मद के टेलीग्राम चैनल अंसार-ए-जैश के सभी वीडियो और ऑडियो संदेश की भी डिटेल निकालकर संदेशों को पढ़ने की कोशिश कर रही है।