उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में सीआरपीएफ की नाका पार्टी पर हुए हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा और अल बद्र की ओर से हाल ही में बनाया गया है। हमले में शामिल आतंकियों की पहचान भी कर ली गई है। इसमें सोपोर निवासी टॉप कमांडर सज्जाद अहमद मीर उर्फ हैदर शामिल था।
टॉप कमांडर सज्जाद अहमद मीर सोपोर हमले आतंकी में रहा शामिल, टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी
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सूत्रों ने बताया कि हमले में शामिल आतंकियों की पहचान हो जाने के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे सोपोर और आस-पास के इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया। हर आने जाने वाले रास्तों पर पहरा लगा दिया गया। सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स, 179 बटालियन सीआरपीएफ, 53 बटालियन सीआरपीएफ, 92 बटालियन सीआरपीएफ और एसओजी राफियाबाद व सोपोर की ओर से पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। आतंकियों के संभावित ठिकाने के आस पास फ्लड लाइट्स लगा दिए गए ताकि आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न निकलें।
बताते हैं कि उत्तरी कश्मीर में इन दिनों आतंकियों की ओर से अपना दबदबा कायम करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। इसके पहले भी बारामुला में सीआरपीएफ पार्टी पर आतंकियों ने हमला किया था जिसमें दो जवान शहीद हो गए थे। एलओसी से सटा होने और भौगोलिक स्थितियों के कारण यह इलाका आतंकियों के लिए काफी मुफीद रहा है।
हमले के बाद नाके बढ़ाए, जगह-जगह जांच
सोपोर में आतंकी हमले के बाद पूरे उत्तरी कश्मीर में नाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जगह-जगह नाके बढ़ाकर आने-जाने वाले वाहनों को चेक किया जा रहा है। इसके साथ ही सुरक्षा प्रतिष्ठानों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
ये जवान हुए शहीद
हेड कांस्टेबल राजीव शर्मा (रसूलपुर, वैशाली-बिहार), कांस्टेबल सीबी भाकरे (महाराष्ट्र) और कांस्टेबल परमार सत्यपाल सिंह (गुजरात)। हमले में घायल हुए दो जवानों को एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में पहुंचाया गया। यहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।