दुनियाभर में तेजी से फैला कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट वैज्ञानिकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। अध्ययनों में दावा किया जा रहा है कि इस वैरिएंट में देखे गए म्यूटेशन इसे बेहद संक्रामक और वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को आसानी से भेदने के योग्य बनाते हैं। ऐसे में कोरोना के इस घातक रूप को टीकाकरण करा चुके लोगों के लिए भी बड़ी चुनौती माना जा रहा है। कोरोना के इस खतरे को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं, उनमें से सबसे बड़ा सवाल- इससे सुरक्षित कैसे रहा जा सकता है? इस दिशा में यूके की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी की तरफ से बड़ी राहत की खबर सामने आई है।
बड़ी राहत: ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमितों की भी बचाई जा सकेगी जान, अध्ययन में इस दवा को पाया गया कारगर
सोट्रोविमैब एंटीबॉडी दवा के देखे गए हैं अच्छे परिणाम
कोविड-19 एंटीबॉडी-आधारित इस थेरेपी को विकसित करने वाली जीएसके ने बताया कि सोट्रोविमैब के प्रीक्लिनिकल डेटा को दुनियाभर के लिए चिंता का कारण बने कोरोना के ओमिक्रॉन सहित कई अन्य वैरिएंट्स के खिलाफ काफी असरदार पाया गया है। परिणामों की पुष्टि करने के लिए सोट्रोविमैब थेरेपी को लेकर आगे के परीक्षण किए जा रहे हैं, फिलहाल शुरुआती तौर पर इसे दुनियाभर के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है सोट्रोविमैब
रिपोर्ट्स के मुताबिक सोट्रोविमैब एक प्रकार की मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है जो ओमिक्रॉन वैरिएंट के प्रमुख म्यूटेशनों के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकती है। जीएसके की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, "ये डेटा ओमाइक्रोन वैरिएंट के संक्रमण को लेकर किए गए अध्ययन के आधार पर साझा किए गए हैं। इतना ही नहीं कोरोना के अब तक के कई अन्य संक्रामक वैरिएंट्स के खिलाफ भी इसने अच्छा प्रदर्शन किया है, इसके परिणाम काफी संतोषजनक रहे हैं।
मृत्युदर को किया जा सकेगा कम
कंपनी की ओर से जारी बयान में बताया गया है, सोट्रोविमैब के माध्यम से कोरोना से संक्रमित मध्यम से लेकर उच्च स्तर के संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु के जोखिम को 79 फीसदी तक कम किया जा सकता है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि सार्स-सीओवी-2 के ओमिक्रॉन सहित तमाम वैरिएंट्स के खिलाफ इस एंटीबॉडी ड्रग को असरदार पाया गया है। फिलहाल इस अध्ययन की समीक्षा होना बाकी है, यह प्रीप्रिंट अध्ययन की रिपोर्ट है।
परिणाम के लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता
मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी केमुताबिक, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगा कि ओमाइक्रोन वैरिएंट का सोट्रोविमैब की प्रभावशीलता पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। मोलनुपिरवीर की तरह, इसे उन लोगों में उपयोग के लिए अधिकृत किया गया है जिनके पास हल्के से मध्यम लक्षण हैं। सोट्रोविमैब को कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। आगे के अध्ययनों में इस ड्रग के असर के बारे में ज्यादा स्पष्ट हो सकेगा।
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स्रोत और संदर्भ
GSK Says Antibody Works on Omicron Mutations in Early Tests
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