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Health Tips: रात में बार-बार जागता है बच्चा? बच्चों की डॉक्टर ने सुझाया 'रामबाण' उपाय

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Wed, 11 Mar 2026 06:15 PM IST
सार

जिन पेरेंट्स के बच्चे बहुत छोटे हैं, उन्हें अक्सर रात में बच्चों के जागने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। आइए इस लेख में डॉक्टर से जानते हैं कि किस तरह से बच्चों के रात में जागने की आवृति को कम किया जा सकता है।

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Baby Waking Up Frequently at Night? Expert Tips to Fix Your Child’s Circadian Rhythm and Melatonin Cycle
नींद - फोटो : Freepik.com

छोटे बच्चों का रात में बार-बार जागना माता-पिता के लिए काफी चुनौतीपूर्ण और थकान भरा होता है। इसी विषय पर बच्चों की डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि अक्सर 2-3 साल तक के बच्चे नींद में बाधा महसूस करते हैं, ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकता है जिसमें एक बड़ा कारण उनके शरीर के सर्केडियन रिदम का बिगड़ना होता है। 



उन्होंने ये भी बताया कि जब बच्चे के सोने का कोई निश्चित समय नहीं होता है, तो शरीर में नींद के लिए जिम्मेदार मेलेटॉनिन हार्मोन सही तरीके से रिलीज नहीं होता है। साथ ही बच्चा जितना देर तक जागता है, शरीर में कोर्टिसोल यानी तनाव हार्मोन बढ़ने लगता है, जिससे उसकी नींद बार-बार टूटने लगती है। डॉक्टर के अनुसार, बच्चे को रात 8 से 9 बजे के बीच सुला देना सबसे अच्छा समय है। अगर आप भी अपने बच्चे की नींद की समस्या से परेशान हैं, तो सर्केडियन रिदम को नेचुरल रूप से ठीक करने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनाकर बच्चे की बार-बार जागने की समस्या को कम कर सकते हैं।

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Baby Waking Up Frequently at Night? Expert Tips to Fix Your Child’s Circadian Rhythm and Melatonin Cycle
नींद - फोटो : Freepik.com

वार्म बाथ और मसाज का जादू

  • सोने से पहले बच्चे को वार्म बाथ देने से उसका शरीर रिलैक्स हो जाता है और दिन भर की थकान कम हो जाती है।
  • अगर बच्चा दांत निकलने के दर्द से परेशान है, तो सोने से पहले उसके जबड़े के आसपास हल्के हाथों से मसाज करें।
  • यह शारीरिक सुकून बच्चे को गहरी नींद में ले जाने में मदद करता है और बार-बार उठने की बेचैनी को कम करता है।

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Baby Waking Up Frequently at Night? Expert Tips to Fix Your Child’s Circadian Rhythm and Melatonin Cycle
नींद - फोटो : Freepik.com

डॉक्टर ने बताया ज्यादातर लोग करते हैं ये गलती

  • डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने बताया कि कमरे में छोटी डिम लाइट जलाकर सोने की आदत बच्चे की नींद में बाधा डाल सकती है, इसलिए कमरे में अंधेरा करके बच्चों को सुलाना चाहिए।
  • शुरुआत में अंधेरे में सुलाना कठिन लग सकता है, लेकिन यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है कि अंधेरा बच्चे की रात की वेकिंग्स को अपने आप कम कर देता है।
  • बिना किसी लाइट के सोने से बच्चा अपनी स्लीप साइकिल को बिना डरे पूरा करना सीख जाता है।


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Baby Waking Up Frequently at Night? Expert Tips to Fix Your Child’s Circadian Rhythm and Melatonin Cycle
नहाता हुआ बच्चा - फोटो : Freepik

मां का स्पर्श और खुशबू का महत्व

  • को-स्लीपिंग यानी बच्चे को अपने साथ सुलाना सबसे प्रभावी समाधान है, आपका स्पर्श और महक बच्चे की नींद को रेगुलेट करती है।
  • जो बच्चा हर घंटे उठता है, मां के पास सोने से वह 2-3 घंटे के लंबे स्ट्रेच में सोने लगता है।
  • मां की सांसों की लय बच्चे के स्लीप साइकिल को टूटने से बचाती है और उसे सुरक्षा का अहसास दिलाती है।

 

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Baby Waking Up Frequently at Night? Expert Tips to Fix Your Child’s Circadian Rhythm and Melatonin Cycle
डॉक्टर - फोटो : Freepik.com

माता-पिता का रूटीन है सबसे जरूरी
डॉक्टर माधवी भारद्वाज के मुताबिक बच्चे का रूटीन तभी सुधरेगा जब पेरेंट्स का खुद का रूटीन सही होगा। अगर पिता देर रात ऑफिस से आकर बच्चे के साथ खेलते हैं, तो बच्चे का रिदम बिगड़ना तय है। इसलिए बच्चे के सर्केडियन रिदम के लिए खुद के जीवन में अनुशासन लाना जरूरी है। डॉक्टर के मुताबिक पूरे परिवार को एक तय समय पर सोने की आदत डालनी चाहिए। 

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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