मार्च के आखिरी हफ्ते में अमेरिका में एक शोध अध्ययन ने दुनियाभर का ध्यान खींचा था, जिसमें बताया गया था कि टीबी (यक्ष्मा/तपेदिक) से बचाव के लिए नवजात शिशु को दिया जाने वाला बीसीजी का टीका कोरोना वायरस संक्रमण में सुरक्षा देता है। इस स्टडी के मुताबिक कोरोना संक्रमण और उससे हुई मौत के मामले उन देशों में अधिक हैं, जहां बीसीजी टीकाकरण की पॉलिसी या तो नहीं है या फिर बंद हो गई है। वहीं, जिन देशों में बीसीजी टीकाकरण अभियान चल रहा है, वहां कोरोना संक्रमण और मौत के मामले अपेक्षाकृत कम हैं। संदेह और संभावना के बीच इस वैक्सीन का ट्रायल भी शुरू किया गया। अब नीदरलैंड में हुई ऐसी ही एक स्टडी ने एक बार फिर ध्यान खींचा है।
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Coronavirus: बीसीजी की वैक्सीन लगे लोगों में नहीं बढ़ता कोरोना का खतरा, एक बार फिर शोध में खुलासा
Sat, 08 Aug 2020 11:40 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:40 PM IST
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BCG Corona Vaccine
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- दरअसल, वैज्ञानिकों ने ऐसे वॉलेंटियरों के बीच कोरोना संक्रमण के खतरे का तुलनात्मक अध्ययन किया है, जिन्हें बीसीजी का टीका लगाया गया था और जिन्हें यह टीका नहीं लगाया गया था। इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान बीसीजी का टीका लगे लोग बार-बार बीमार नहीं पड़े या ज्यादा गंभीर बीमार नहीं हुए।
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- सेल रिपोर्ट्स मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में स्वस्थ वॉलेंटियरों के ऐसे समूह का अवलोकन और मूल्यांकन किया गया, जिन्हें कोरोना महामारी के इस काल से पूर्व के पांच वर्षो में बीसीजी का टीका दिया गया था। शोधकर्ताओं ने उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली की तुलना ऐसे स्वस्थ वॉलेंटियरों से की गई जिन्हें यह टीका नहीं लगाया गया था।
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- नीदरलैंड में रैडबाउड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों समेत अध्ययन में शामिल अन्य शोधकर्ताओं के मुताबिक बीसीजी की वैक्सीन मूल रूप से तपेदिक (टीबी) के इलाज के लिए थी, लेकिन यह प्रतिरक्षा प्रणाली को दीर्घकालिक यानी लंबी अवधि के लिए मजबूत करने में कारगर साबित हुई।
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- दरअसल, शुरुआत से यह बात कही जा रही है कि कोरोना संक्रमण का सीधा संबंध व्यक्ति की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता से है। सीरो सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है कि बहुत से लोगों को संक्रमण हुआ और वे अपने आप ठीक भी हो गए। ऐसे में अगर पूर्व की किसी वैक्सीन से व्यक्ति की मजबूत हुई इम्यूनिटी कोरोना संक्रमण से बचा भी सकती है, इसी दिशा में उम्मीद देखी जा रही है।