हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज की समस्या आज के समय में काफी आम हो गई है। युवा-बुजुर्ग तो छोड़िए, बच्चे भी इस बीमारी का तेजी से शिकार होते जा रहे हैं। भारत में इस बीमारी का प्रकोप और भी ज्यादा देखा जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक यहां 101 मिलियन (10 करोड़) से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और 13 करोड़ से ज्यादा लोग प्री-डायबिटीज का शिकार हैं, जिनमें भविष्य में इस बीमारी का खतरा हो सकता है। जिस गति से ये बीमारी भारतीय आबादी को अपनी चपेट में लेते जा रही है, इसे देखते हुए भारत को "दुनिया का डायबिटीज कैपिटल" कहा जाने लगा है। देश की 10% से ज्यादा आबादी इससे प्रभावित है।
Diabetes: बिना दवाओं के कंट्रोल रखना चाहते हैं शुगर लेवल? मिल गया इसका सबसे आसान और कारगर तरीका
Diabetes Kaise Control Karen: क्या आप भी अक्सर बढ़े हुए शुगर लेवल के कारण परेशान रहते हैं? तमाम कोशिशों के बाद भी शुगर कंट्रोल में नहीं आ रहा है? आप पूरी तरह से दवाओं पर इंसुलिन इंजेक्शन पर निर्भर होते जा रहे हैं? ऐसे लोगों के लिए अच्छी खबर है, विशेषज्ञों ने एक ऐसे उपाय के बारे में जानकारी दी है जो डायबिटीज की दवा जैसी असरदार हो सकती है।
शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है कॉफी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने कहा, रोज दो-तीन कप कॉफी ब्लड शुगर कंट्रोल करने में आमतौर पर दी जाने वाली डायबिटीज की दवा से ज्यादा असरदार हो सकती है। हालांकि जिस कॉफी का विशेषज्ञ जिक्र कर रहे हैं उसे बिना दूध या चीनी के पीने की बात की गई है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि इन नतीजों से टाइप-2 डायबिटीज वाले उन लोगों को फायदा हो सकता है जो अपने ब्लड ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल रखने के लिए रेगुलर इंजेक्शन और दवाओं पर निर्भर रहते हैं।
जर्नल बेवरेज प्लांट रिसर्च में प्रकाशित इस रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कॉफी में तीन ऐसे कंपाउंड्स की पहचान की है जो अल्फा-ग्लूकोसिडेस को रोकते हैं। अल्फा-ग्लूकोसिडेस वे एंजाइम्स हैं जो डाइजेशन के दौरान कार्बोहाइड्रेट को तोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे शुगर कंट्रोल करना आसान हो जाता है।
दवा की तरह काम करती है कॉफी
विशेषज्ञों ने ये समझने की कोशिश की है कि कॉफी, डायबिटीज की दवाओं की तुलना में शुगर को कैसे कंट्रोल करने में मदद करती है?
- इसके लिए रोस्टेड अरेबिका कॉफी में पाए जाने वाले कंपाउंड्स की तुलना डायबिटीज की दवा एकार्बोस से की गई।
- एकार्बोस डायबिटीज में बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दवा है जो भोजन के बाद कार्बोहाइड्रेट के टूटने को धीमा करने में मदद करती है।
- विशेषज्ञों ने पाया कि कॉफी ने भी बिल्कुल उसी तरह से डाइजेस्टिव एंजाइम को रोकने में असर दिखाया जैसे ये दवा करती है। इससे खाने के बाद ब्लड शुगर में स्पाइक्स को कम करने में मदद मिलती है।
- विशेषज्ञों ने कहा, डायबिटीज कंट्रोल में कॉफी पीने के विशेष लाभ देखे गए हैं। इससे लिवर की बीमारी जैसे फैटी लिवर का भी खतरा कम होता है, जो डायबिटीज के मरीजों में होने वाली आम समस्या है।
शरीर में कैसे असर करती है कॉफी
विशेषज्ञों ने बताया, कॉफी में जो तीन कंपाउंड्स पाए गए हैं, ये अल्फा-ग्लूकोसिडेस को ब्लॉक करने में मदद करते हैं। इससे खाना खाने के बाद खून में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है। ये असर बिल्कुल उसी तरह से देखा गया जैसा कि एकार्बोस दवा खाने पर शरीर में होता है।
- शोधकर्ताओं का कहना है कि इस रिपोर्ट से पता चलता है कि किस तरह से प्राकृतिक स्रोतों के माध्यम से शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
- नियमित रूप से कॉफी पीने को टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम कम होता है। दिन दो-तीन कप कॉफी आपको इस गंभीर बीमारी से बचाए रखने में मददगार हो सकती है।
असमय मौत का खतरा भी कम करता है कॉफी
कॉफी पीने से न सिर्फ डायबिटीज का खतरा कम होता है, बल्कि ये आपको लिवर की बीमारियों से भी बचाए रखने में सहायक है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन में पाया गया कि दिन में 2-3 कप कॉफी पीने वाले लोगों में कई प्रकार की बीमारियों के कारण मृत्यु का खतरा 15% तक कम हो सकता है। कॉफी का सेवन, विशेष रूप से फिल्टर्ड कॉफी, हृदय रोग के जोखिमों को कम करने में भी सहायक है। नियमित रूप से कॉफी पीने वाले लोगों में हृदय रोग, स्ट्रोक, टाइप-2 डायबिटीज और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से मृत्यु का जोखिम कम पाया गया। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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स्रोत
Newly discovered coffee compounds beat diabetes drug in lab tests
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