टी-20 क्रिकेट विश्वकप में गुरुवार (12 फरवरी) को भारतीय टीम नामीबिया के खिलाफ अपना दूसरा मैच खेलने उतरेगी। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मैच में टीम के स्टार ओपनर अभिषेक शर्मा के खेलने पर संदेह है, संभवत: उन्हें मैच से आराम दिया जा सकता है। अभिषेक शर्मा पेट में संक्रमण के कारण दो दिन अस्पताल में भर्ती थे, हालांकि अब उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।
Abhishek sharma: पेट में संक्रमण से परेशान हैं अभिषेक शर्मा, आखिर क्यों होती है ये दिक्कत और कैसे करें बचाव?
T-20 World cup: भारतीय टीम 12 फरवरी को टी-20 विश्वकप में अपने दूसरे मैच में नामीबिया के साथ खेलेगी। इससे पहले खबर ये है कि टीम के स्टार खिलाड़ी अभिषेक शर्मा पेट के संक्रमण के कारण दो दिन अस्पताल में भर्ती थे, हालांकि अब उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब सवाल ये है कि आखिर पेट में ये दिक्कत होती क्यों है?
पेट में संक्रमण की समस्या के बारे में जानिए
पेट में संक्रमण यानी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन एक आम दिक्कत है, हालांकि इसके मामले ज्यादातर गर्मी और बरसात के दिनों में देखने को मिलते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ दूषित भोजन या गंदा पानी पीने को इसका प्रमुख कारण मानते हैं। यह समस्या बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी हो सकती है।
- पेट का संक्रमण होने पर व्यक्ति को दस्त-उल्टी, पेट दर्द, ऐंठन, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
- जिन स्थानों पर स्वच्छता और साफ पानी की उपलब्धता नहीं होती है वहां पर लोगों को ये दिक्कत ज्यादा होती है।
क्यों होती है ये दिक्कत?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इन्फेक्शन बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट किसी भी प्रकार के संक्रमण की वजह से हो सकता है। ज्यादातर मामलों में ये संक्रमण कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। हालांकि तेज बुखार, उल्टी या शौच से खून आने जैसी स्थितियों में रोगी को डॉक्टर की मदद की जरूरत होती है।
- ई.कोलाई (E. coli) को इस संक्रमण का सबसे आम कारण माना जाता है। दूषित भोजन के माध्यम से ये बैक्टीरिया सबसे ज्यादा फैलता है।
- इसी तरह से कच्चा या अधपका पोल्ट्री, मीट और अंडे खाने से साल्मोनेला इन्फेक्शन हो सकता है। इसके कारण भी पेट में संक्रमण और उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर साल लाखों लोग डायरिया और पेट से जुड़ी संक्रमण जनित बीमारियों के कारण बीमार पड़ते हैं। भारत जैसे देशों में जहां स्वच्छता और साफ पानी की उपलब्धता हर जगह समान नहीं है, वहां पेट के संक्रमण का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
पेट में संक्रमण होने की पहचान क्या है?
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इन्फेक्शन की दिक्कत आमतौर पर कुछ ही दिनों में आसानी से ठीक हो जाती है। संक्रमण की स्थिति में आंतों से जुड़े लक्षण जैसे डायरिया, ऐंठन के साथ मतली-उल्टी की समस्या होती है। संक्रमण की स्थिति में आपको कुछ और भी तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिनपर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
- डायरिया और मतली-उल्टी।
- भूख न लगना या खाने का मन न करना।
- पेट में दर्द और ऐंठन।
- बुखार और ठंड लगने की समस्या।
- थकान के साथ शरीर में दर्द।
पेट में संक्रमण से कैसे करें बचाव?
पेट में संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे जरूरी उपाय है। आप कुछ बातों पर ध्यान देकर आसानी से पेट में संक्रमण फैलाने वाले कारकों से सुरक्षित रह सकते हैं।
- हमेशा साफ और उबला हुआ पानी पिएं। बरसात के दिनों में पानी की स्वच्छता का ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है।
- खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं।
- ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही करें। खुले और कटे-फटे फल-सब्जियों खाने बचें।
- बाहर का स्ट्रीट फूड खाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- प्रोबायोटिक युक्त आहार जैसे दही गट हेल्थ को बेहतर बनाता है और आपके पाचन को ठीक रखने में मदद करता है।
- पेट में संक्रमण के कारण डायरिया की दिक्कत हो जाती है, जिसमें शरीर से ज्यादा पानी निकल जाता है। ऐसे में डिहाइड्रेशन से बचे रहने के लिए खूब पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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