कोरोना वायरस को लेकर पिछले सात महीनों बहुत सारे शोध और अध्ययन हो चुके हैं। कई शोध और अध्ययनों में इस वायरस को लेकर बड़े-बड़े दावे और खुलासे किए जा चुके है। अब एक और अध्ययन में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। यह अध्ययन कोरोना वायरस के गढ़ वुहान में किया गया है। चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, वुहान स्थित एक अस्पताल में कोरोना से ठीक हुए मरीजों की जांच के बाद कई बातें सामने आई हैं। शारीरिक प्रभावों से इतर उनपर मानसिक प्रभाव भी पड़ा है। आइए, इस अध्ययन के बारे में और विस्तार से जानते हैं:
{"_id":"5f2d98494159e738080fc66d","slug":"china-wuhan-coronavirus-cases-latest-news-today-covid-19-patients-suffering-from-lung-harm-after-recovery-research-reveals","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कोरोना वायरस को लेकर बड़ा खुलासा, चीन के वुहान में हुए इस अध्ययन ने दुनिया को चौंकाया","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
कोरोना वायरस को लेकर बड़ा खुलासा, चीन के वुहान में हुए इस अध्ययन ने दुनिया को चौंकाया
Sat, 08 Aug 2020 11:48 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:48 PM IST
विज्ञापन
CoronaVirus Research Study: अध्ययन में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं
- फोटो : iStock/Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना की जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
- चीन के वुहान में कोरोना से ठीक होने वाले 100 में से 90 लोगों के फेफड़ों में खराबी देखी गई है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वुहान के एक बड़े अस्पताल में कोरोना से उबरने वाले मरीजों के एक समूह की जांच की गई। इस जांच में 90 फीसदी मरीजों के फेफड़े क्षतिग्रस्त या खराब होने की बात सामने आई।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- बताया गया है कि ऐसे लोगों के फेफड़ों से ऑक्सीजन का संचार अब पहले की तरह नहीं हो पा रहा है। वहीं पांच फीसदी मरीजों में दोबारा संक्रमण मिला, जिन्हें फिर से क्वारंटीन किया गया है। वुहान में ठीक होने वाले मरीजों का लगातार चेकअप किया जा रहा है। बीते महीने ही इस अभियान का पहला चरण पूरा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना वायरस की जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
- वुहान यूनिवर्सिटी अंतर्गत झोंगनन अस्पताल में आईसीयू यूनिट के डायरेक्टर पेंग झियोंग ने जांच अभियान के क्रम में अपनी टीम के साथ कोरोना के मरीजों की जांच की, जिसमें इस तरह की चौकाने वाली बातें सामने आईं। इस अध्ययन में शामिल मरीजों की औसत उम्र 59 साल है। यह अध्ययन एक साल तक चलेगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
चल पाने में भी हुई दिक्कत
- पेंग झियोंग और उनकी टीम ने कोरोना से उबरे मरीजों के फेफड़ों की हालत समझने के लिए जब उनसे चलने को कहा तो वे छह मिनट में केवल 400 मीटर की दूरी तय कर पाए। पेंगे के मुताबिक, एक स्वस्थ इंसान छह मिनट में 500 मीटर की दूरी तक चल सकता है।