कोरोना की इस विपरीत परिस्थिति ने स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से प्रभावित किया है। संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के चलते अस्पतालों के बेडों की भी काफी कमी देखने को मिल रही है। इसके चलते न सिर्फ कोरोना के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है, साथ ही अन्य दूसरी गंभीर बीमारियों के शिकार लोगों को भी लंबे समय से इलाज नहीं मिल पा रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज जैसी बीमारियां हैं और वह संक्रमण की चपेट में आ गए हैं, ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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सावधान: कोरोना संक्रमित डायबिटीज रोगियों को हो सकती हैं यह गंभीर दिक्कतें, ऐसे लक्षणों को न करें अनदेखा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Sat, 15 May 2021 02:44 PM IST
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डायबिटीज और कोरोना संक्रमण
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ब्लड शुगर का अनियंत्रित स्तर है नुकसानदायक
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डायबिटीज रोगियों को क्यों होता है कोरोना का ज्यादा खतरा
उजाला सिग्नस के मेडिकल डायरेक्टर डॉ उत्कर्ष वी अग्रवाल कहते हैं कि शरीर में ब्लड शुगर का अनियंत्रित स्तर इंसुलिन उत्पादन को प्रभावित करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को भी नुकसान पहुंचाता है। डायबिटीज के कारण शरीर वायरस के वायरल लोड को कम करने में अक्षम हो जाता है। अन्य लोगों की तुलना में डायबिटिक रोगियों में संक्रमण तेजी से असर करता है। कोरोना के समय में ऐसे सभी रोगियों को शरीर में होने वाले कुछ बदलावों के प्रति विशेष जागरूक रहने की जरूरत होती है।
उजाला सिग्नस के मेडिकल डायरेक्टर डॉ उत्कर्ष वी अग्रवाल कहते हैं कि शरीर में ब्लड शुगर का अनियंत्रित स्तर इंसुलिन उत्पादन को प्रभावित करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को भी नुकसान पहुंचाता है। डायबिटीज के कारण शरीर वायरस के वायरल लोड को कम करने में अक्षम हो जाता है। अन्य लोगों की तुलना में डायबिटिक रोगियों में संक्रमण तेजी से असर करता है। कोरोना के समय में ऐसे सभी रोगियों को शरीर में होने वाले कुछ बदलावों के प्रति विशेष जागरूक रहने की जरूरत होती है।
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कोरोना वायरस के लक्षणों को पहचानें
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त्वचा पर होने वाले बदलाव
विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के लक्षणों में काफी बदलाव देखे जा रहे हैं। डायबिटीज से ग्रसित कोविड संक्रमितों को यदि त्वचा पर चकत्ते, सूजन और एलर्जी के लक्षण दिख रहे हों तो उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। इसके अलावा अनियंत्रित रक्त शर्करा वाले लोगों को यदि पैर की उंगलियों और नाखून में असामान्यता, पित्ती, लाल धब्बे नजर आएं तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से बात करना चाहिए।
विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के लक्षणों में काफी बदलाव देखे जा रहे हैं। डायबिटीज से ग्रसित कोविड संक्रमितों को यदि त्वचा पर चकत्ते, सूजन और एलर्जी के लक्षण दिख रहे हों तो उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। इसके अलावा अनियंत्रित रक्त शर्करा वाले लोगों को यदि पैर की उंगलियों और नाखून में असामान्यता, पित्ती, लाल धब्बे नजर आएं तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से बात करना चाहिए।
निमोनिया के बढ़े मामले
- फोटो : Pixabay
कोविड निमोनिया
कोरोना की इस दूसरी लहर में निमोनिया के मामले भी ज्यादा देखे जा रहे हैं। वहीं यदि आप मधुमेह से पीड़ित हैं तो इस तरह की समस्याएं गंभीर रूप भी ले सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक हाई ब्लड शुगर लेवल के कारण कोरोना वायरस के लिए शरीर में तेजी से बढ़ना और अंगों को क्षति पहुंचाना आसान हो जाता है। टाइप-1 और टाइप -2, दोनों ही तरह के मधुमेह रोगियों को कोविड निमोनिया के प्रति विशेष सावधान रहने की जरूरत है।
कोरोना की इस दूसरी लहर में निमोनिया के मामले भी ज्यादा देखे जा रहे हैं। वहीं यदि आप मधुमेह से पीड़ित हैं तो इस तरह की समस्याएं गंभीर रूप भी ले सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक हाई ब्लड शुगर लेवल के कारण कोरोना वायरस के लिए शरीर में तेजी से बढ़ना और अंगों को क्षति पहुंचाना आसान हो जाता है। टाइप-1 और टाइप -2, दोनों ही तरह के मधुमेह रोगियों को कोविड निमोनिया के प्रति विशेष सावधान रहने की जरूरत है।
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ऑक्सीजन के स्तर पर रखें ध्यान
- फोटो : iStock
ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट
कोरोना के म्यूटेटेड वायरस के कारण दूसरी लहर में रोगियों में ऑक्सीजन सेचुरेशन में गिरावट की भी शिकायतें मिल रही हैं। कई अध्ययनों के मुताबिक डायबिटीज रोगियों को कोरोना के कारण ऑक्सीजन की कमी और उससे संबंधित लक्षणों का खतरा अधिक होता है। कई रोगियों में यह समस्या हाइपोक्सिया जैसी गंभीर जटिलताओं का भी कारण बन सकती है।
कोरोना के म्यूटेटेड वायरस के कारण दूसरी लहर में रोगियों में ऑक्सीजन सेचुरेशन में गिरावट की भी शिकायतें मिल रही हैं। कई अध्ययनों के मुताबिक डायबिटीज रोगियों को कोरोना के कारण ऑक्सीजन की कमी और उससे संबंधित लक्षणों का खतरा अधिक होता है। कई रोगियों में यह समस्या हाइपोक्सिया जैसी गंभीर जटिलताओं का भी कारण बन सकती है।

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