Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
कोरोना वायरस से हर दिन लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं और हजारों अपनी जान गंवा रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद रोजाना लाखों की संख्या में लोग संक्रमण से ठीक भी हो रहे हैं। लेकिन यह वायरस चूंकि प्रतिरक्षा तंत्र पर असर डालता है, इसलिए यह शरीर को अंदर से कमजोर कर देता है। ऐसे में संक्रमण से ठीक हो रहे लोगों को दवाइयों के साथ-साथ अपने खान-पान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, जिससे इम्यूनिटी मजबूत हो और रिकवर होने में ज्यादा समय न लगे। इस दौरान कुछ चीजों से परहेज करने की भी जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि कोरोना से रिकवरी के दौरान किन चीजों से परहेज करना चाहिए?
सलाह: कोरोना से रिकवरी के दौरान इन चीजों से करें परहेज, वरना ठीक होने में लग सकता है ज्यादा समय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पैकेज्ड फूड
- कोरोना से रिकवरी के दौरान पैकेज्ड फूड से दूरी बनाकर रखें। दरअसल, इसमें पाए जाने वाले केमिकल इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं। इसके अलावा पैकेज्ड फूड कई तरह की समस्याएं, जैसे- कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि और वजन बढ़ने की समस्या भी पैदा कर सकते हैं।
मसालेदार भोजन
- डॉक्टर और विशेषज्ञ हमेशा से यह सलाह देते आए हैं कि कोरोना से ठीक होने के दौरान बिल्कुल सादा भोजन करना चाहिए। मसालेदार खाना तो भूलकर भी नहीं खाना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। रिकवरी के दौरान मसालेदार भोजन करने से गला खराब हो सकता है, कफ की समस्या हो सकती है और साथ ही पेट संबंधी दिक्कतें भी पैदा हो सकती हैं।
तली-भुनी चीजें
- कोरोना से रिकवरी के दौरान तली-भुनी चीजें तो बिल्कुल भी नहीं खानी चाहिए। इससे इम्यूनिटी भी कमजोर होती है और साथ ही यह मोटापे सहित कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा यह पाचन संबंधी दिक्कतें भी पैदा कर सकता है।
मीठे ड्रिंक्स
- कोरोना से रिकवरी के दौरान मीठे ड्रिंक्स और शक्कर से परहेज करना चाहिए। इससे पेट में सूजन हो सकती है, जो एक नई परेशानी खड़ी कर सकता है। इसके बजाय आप नींबू पानी पी सकते हैं या फिर गुनगुना पानी पिएं। जल्दी से ठीक होने में ये आपकी मदद कर सकते हैं।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

कमेंट
कमेंट X